पौड़ी

आवासीय भवनों में छोटी दुकानों पर कार्रवाई का मुद्दा उठाएगी मूल निवास भू-कानून संघर्ष समिति

देहरादून। आवासीय भवनों के सीमित हिस्सों में दुकानें और छोटे व्यवसाय चलाने वाले स्थानीय कारोबारियों की समस्याओं को लेकर मूल निवास भू-कानून संघर्ष समिति ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को ज्ञापन भेजा है। समिति के संस्थापक-संयोजक मोहित डिमरी ने भूमि उपयोग नियमों की समीक्षा कर छोटे कारोबारियों के लिए स्पष्ट राज्यव्यापी नीति बनाने की मांग की।

डिमरी ने कहा कि देहरादून समेत प्रदेश के शहरों और कस्बों में कई परिवार घर के एक हिस्से में किराना, बुटीक, सिलाई-कढ़ाई, स्टेशनरी, मोबाइल मरम्मत और सैलून जैसे व्यवसाय चलाकर आजीविका कमाते हैं। मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण की ओर से कुछ व्यवसायों को कारण बताओ नोटिस जारी किए जाने और संभावित सीलिंग व ध्वस्तीकरण की कार्रवाई से कारोबारियों में चिंता है।

उन्होंने कहा कि स्वरोजगार हजारों परिवारों की आजीविका का आधार है। इसलिए नियोजित विकास और नियमों के पालन के साथ स्थानीय परिस्थितियों व छोटे कारोबारियों के हितों का भी ध्यान रखा जाना चाहिए।

समिति ने आवासीय क्षेत्रों में छोटी दुकानों और कम यातायात वाले उपयुक्त व्यवसायों के लिए स्पष्ट मानक तय करने तथा संतुलित मिश्रित भूमि उपयोग नीति बनाने की मांग की है। भवन क्षेत्रफल, सड़क की चौड़ाई, पार्किंग, अग्नि सुरक्षा, स्वच्छता और यातायात को इसके आधार में शामिल करने का सुझाव दिया गया है।

डिमरी ने कहा कि नीति प्रदेश के सभी विकास प्राधिकरणों, नगर निगमों, नगर पालिकाओं, नगर पंचायतों और अन्य नियोजित क्षेत्रों में लागू होनी चाहिए। मास्टर प्लान और मौजूदा नियमों की समीक्षा के बाद स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएं, ताकि कारोबारियों को निर्धारित शर्तों की जानकारी मिल सके।

समिति ने कारण बताओ नोटिसों की निष्पक्ष समीक्षा की मांग करते हुए कहा कि प्रत्येक मामले में स्वीकृत भवन मानचित्र, भूमि उपयोग, व्यवसाय की प्रकृति और सुरक्षा मानकों के आधार पर निर्णय लिया जाए। नीति समीक्षा के दौरान पात्र मामलों में कानून और न्यायालयों के आदेशों के अनुरूप सीलिंग व ध्वस्तीकरण पर रोक की संभावनाओं पर विचार किया जाए। जहां नियम अनुमति दें, वहां सरल और समयबद्ध अनुमति या नियमितीकरण का अवसर दिया जाए। सार्वजनिक भूमि पर अतिक्रमण और गंभीर सुरक्षा उल्लंघन के मामलों में नियमानुसार कार्रवाई जारी रहे।

डिमरी ने संबंधित विभागों, विकास प्राधिकरणों, स्थानीय निकायों, छोटे व्यापारियों और निवासियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर व्यावहारिक समाधान निकालने की अपील की। उन्होंने स्पष्ट किया कि समिति अवैध निर्माण का समर्थन नहीं करती, बल्कि छोटे कारोबारियों की आजीविका को ध्यान में रखते हुए कानूनी और न्यायसंगत समाधान चाहती है। उन्होंने मुख्यमंत्री से शीघ्र स्पष्ट नीति और समयबद्ध कार्ययोजना बनाने का आग्रह किया।

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