अक्षय तृतीया से पूर्व पौड़ी में बाल विवाह रोकथाम अभियान तेज, 1200 से अधिक छात्र-छात्राएं हुए जागरूक
पौड़ी। अक्षय तृतीया के मद्देनज़र जनपद पौड़ी में बाल विवाह रोकथाम के लिए व्यापक स्तर पर जागरूकता अभियान तेज कर दिया गया है। महिला कल्याण विभाग, उत्तराखण्ड के निर्देशन में जिला प्रशासन एवं जिला परिवीक्षा अधिकारी अरविंद कुमार के नेतृत्व में यह अभियान संचालित किया जा रहा है।

शनिवार को थलनदी एवं त्रिपालीसैंण में आयोजित कार्यक्रमों के दौरान 53 छात्राओं को बाल विवाह के दुष्परिणामों और उससे संबंधित कानूनों के बारे में जागरूक किया गया। इस अवसर पर जिला परिवीक्षा अधिकारी अरविंद कुमार ने कहा कि बाल विवाह एक गंभीर सामाजिक कुरीति है, जिसे समाप्त करने के लिए समाज के सभी वर्गों की सक्रिय भागीदारी जरूरी है।
जिला बाल संरक्षण इकाई, बाल कल्याण समिति एवं चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 के संयुक्त तत्वावधान में चल रहे इस अभियान के तहत विभिन्न चरणों में अब तक 1200 से अधिक छात्र-छात्राओं को जागरूक किया जा चुका है।
अभियान के अंतर्गत विद्यालयों में बाल विवाह निषेध अधिनियम, 2006, पॉक्सो अधिनियम, 2012, किशोर न्याय अधिनियम, 2015 तथा चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 के संबंध में विस्तृत जानकारी दी जा रही है, ताकि बच्चों और अभिभावकों को कानूनों के प्रति जागरूक किया जा सके।
— सूचना एवं लोक संपर्क विभाग, पौड़ी गढ़वाल
