बाल संप्रेषण गृह गडोली में सुविधाओं का निरीक्षण, विधिक सहायता सुनिश्चित करने के निर्देश
पौड़ी। राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल एवं जिला जज/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशन में सिविल जज (सीनियर डिवीजन)/सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण नाज़िश कलीम की अध्यक्षता में राजकीय बाल संप्रेषण गृह (किशोर), गडोली में किशोर न्याय बोर्ड की मासिक बैठक आयोजित की गई।

बैठक के दौरान किशोर न्याय से जुड़े विभिन्न मामलों की समीक्षा की गई तथा लंबित प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि किशोरों के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए उनके पुनर्वास एवं सुधारात्मक उपायों को प्राथमिकता दी जाए।
निरीक्षण के दौरान बाल संप्रेषण गृह में उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं—आवास, भोजन, स्वच्छता, स्वास्थ्य सेवाएं और शिक्षा व्यवस्था—का जायजा लिया गया। साथ ही, वहां संचालित लीगल एड क्लिनिक का भी निरीक्षण किया गया। संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि पात्र किशोरों को समय-समय पर निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराई जाए और नियमित रूप से विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएं।
इस अवसर पर किशोरों को उनके विधिक अधिकारों और निःशुल्क विधिक सहायता से संबंधित जानकारी दी गई तथा उन्हें अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने के लिए प्रेरित किया गया।
बैठक में प्रधान मजिस्ट्रेट, किशोर न्याय बोर्ड प्रतिभा केसरवानी, जिला परिवीक्षा अधिकारी अरविन्द कुमार, अधीक्षिका बाल संप्रेषण गृह मीना नेगी, पीएलवी अवतार सिंह सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
— सूचना एवं लोक संपर्क विभाग, पौड़ी गढ़वाल
