चारधाम यात्रा 2026 को लेकर प्रशासन अलर्ट, सुरक्षा और सुविधाओं पर फोकस; कंट्रोल रूम से ग्राउंड स्तर तक सघन निगरानी
पौड़ी गढ़वाल। आगामी चारधाम यात्रा 2026 को सुव्यवस्थित, सुरक्षित एवं श्रद्धालु-अनुकूल बनाने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने एनआईसी कक्ष में संबंधित विभागों की समीक्षा बैठक लेते हुए सभी व्यवस्थाओं को समयबद्ध और समन्वित तरीके से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

बैठक में यात्रा कंट्रोल रूम की प्रगति की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने स्टाफ तैनाती, नोडल अधिकारियों की नियुक्ति तथा ड्यूटी रोस्टर शीघ्र जारी करने के निर्देश दिए। साथ ही हेल्पलाइन नंबर का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया, ताकि श्रद्धालुओं को त्वरित सहायता मिल सके।
परिवहन व्यवस्थाओं की समीक्षा के दौरान बताया गया कि यात्रा के लिए वाहनों के ग्रीन कार्ड बनाने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इस वर्ष लगभग 500 बसों और 5000 टैक्सी/मैक्सी वाहनों की व्यवस्था की जा रही है। जिलाधिकारी ने सभी वाहनों का समय पर सत्यापन तथा ट्रैफिक प्लान को पहले से सार्वजनिक करने के निर्देश दिए। पुलिस विभाग को जाम की स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त बल तैनात करने को कहा गया।
स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत बनाने के लिए लक्ष्मणझूला, कलियासौड़, भट्टीसेरा और नीलकंठ क्षेत्रों में चिकित्सा राहत इकाइयों की स्थापना के निर्देश दिए गए हैं। इन स्थानों पर चिकित्सकों की शिफ्टवार तैनाती, एंबुलेंस सेवाएं और आपातकालीन सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी।
स्थानीय व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने हेतु उपजिलाधिकारियों को व्यापारियों, जनप्रतिनिधियों एवं अन्य हितधारकों के साथ समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही स्वच्छता, अतिक्रमण हटाने, शौचालयों की सफाई और नियमित अभियान चलाने पर विशेष जोर दिया गया।
जिलाधिकारी ने वर्षाकाल को ध्यान में रखते हुए संवेदनशील क्षेत्रों में 15 अप्रैल तक जेसीबी मशीनों की अग्रिम तैनाती सुनिश्चित करने को कहा। इसके अलावा पार्किंग व्यवस्था को सुव्यवस्थित करने, अतिरिक्त पार्किंग स्थलों के चिन्हांकन तथा सड़कों पर अनावश्यक पार्किंग रोकने के निर्देश दिए गए।
पेयजल, शौचालय और प्रकाश व्यवस्था को लेकर संबंधित विभागों को प्रमुख स्थलों पर पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं सड़कों और वैकल्पिक मार्गों की समीक्षा करते हुए यमकेश्वर मार्ग के सुधारीकरण कार्यों में तेजी लाने को कहा गया।
आवास एवं खाद्य व्यवस्थाओं के तहत होटल, धर्मशाला, गेस्ट हाउसों का संयुक्त निरीक्षण कर आवश्यक सुधार सुनिश्चित करने तथा पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की उपलब्धता बनाए रखने के निर्देश दिए गए। साथ ही विद्युत आपूर्ति निर्बाध रखने, ब्रेकडाउन की स्थिति में वैकल्पिक व्यवस्था तथा 24 घंटे शिफ्ट में कर्मचारियों की तैनाती सुनिश्चित करने को कहा गया।
जिलाधिकारी ने सभी विभागों को अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी जिम्मेदारी और समन्वय के साथ करने के निर्देश देते हुए कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा सर्वोपरि है और यात्रा व्यवस्थाओं में किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
बैठक में सीओ तुषार बोरा, संभागीय परिवहन अधिकारी द्वारिका प्रसाद एवं विमल पाण्डे, अधीक्षण अभियंता जल संस्थान प्रवीण सैनी, लोनिवि विवेक कुमार सेमवाल, जिला पर्यटन विकास अधिकारी खुशाल सिंह नेगी, जिला पूर्ति अधिकारी अरुण कुमार वर्मा, परियोजना अधिकारी उरेडा चंद्रप्रकाश उपाध्याय, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका पौड़ी संजय कुमार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
– सूचना एवं लोक संपर्क विभाग, पौड़ी गढ़वाल
