परमार्थ निकेतन में बलिदान दिवस पर अमर शहीदों को श्रद्धांजलि, गंगा आरती समर्पित
ऋषिकेश। इंकलाब की ज्योति प्रज्वलित करने वाले अमर बलिदानी भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु के सम्मान में परमार्थ निकेतन में आज विशेष गंगा आरती समर्पित की गई। इस अवसर पर उनके अद्वितीय साहस, समर्पण और राष्ट्रप्रेम को स्मरण करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने कहा कि बलिदान दिवस हमें उन महान क्रांतिकारियों के त्याग और बलिदान की याद दिलाता है, जिनके कारण आज हम स्वतंत्र भारत में सांस ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता अनगिनत बलिदानों का परिणाम है, जिसे हमें सदैव सहेजकर रखना चाहिए।

उन्होंने बताया कि भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु ने उस दौर में संघर्ष का मार्ग चुना, जब अंग्रेजी शासन अपनी कठोरता के चरम पर था। अपने प्राणों की आहुति देकर उन्होंने यह सिद्ध किया कि राष्ट्र की स्वतंत्रता और स्वाभिमान सर्वोपरि है। उनके ‘इंकलाब जिंदाबाद’ के उद्घोष ने देशवासियों में नई चेतना और आत्मविश्वास का संचार किया।
स्वामी जी ने युवाओं से आह्वान किया कि वे इन वीर सपूतों के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाएं और ईमानदारी, परिश्रम व देशभक्ति के मार्ग पर आगे बढ़ें। उन्होंने कहा कि अनुशासन, समर्पण और राष्ट्र के प्रति निष्ठा ही इन महान क्रांतिकारियों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है।
इस अवसर पर यह भी कहा गया कि नई पीढ़ी को इन अमर शहीदों के जीवन और संघर्षों से परिचित कराना आवश्यक है, ताकि उनमें देशप्रेम और कर्तव्यनिष्ठा की भावना विकसित हो सके। शिक्षा और संस्कारों के माध्यम से ही उनके आदर्शों को आगे बढ़ाया जा सकता है।
कार्यक्रम के अंत में सभी ने राष्ट्र की एकता, अखंडता और समृद्धि के लिए समर्पित रहने का संकल्प लिया और अमर शहीदों को श्रद्धापूर्वक नमन किया।
