द्वारीखाल ब्लॉक की शिक्षिका हेमलता बलूनी मानद डॉक्टरेट से सम्मानित
नई दिल्ली में आयोजित इंटरनेशनल कर्मश्री अवार्ड-2026 समारोह में शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार के लिए मिला सम्मान
पौड़ी गढ़वाल/नई दिल्ली। जनपद पौड़ी गढ़वाल के विकासखंड द्वारीखाल अंतर्गत ग्राम बमोली स्थित पीएम श्री राजकीय आदर्श प्राथमिक विद्यालय में कार्यरत सहायक अध्यापिका हेमलता बलूनी को शिक्षा के क्षेत्र में नवाचारपूर्ण पहल, प्रभावी शिक्षण पद्धतियों तथा हिंदी भाषा के संवर्धन में उल्लेखनीय योगदान के लिए सॉक्रेटीज रिसर्च यूनिवर्सिटी ट्रष्ट द्वारा मानद डॉक्टरेट (ऑनोरिस काउसा) की उपाधि से सम्मानित किया गया।

यह सम्मान इंटरनेशनल कर्मश्री अवार्ड-2026 के भव्य समारोह में प्रदान किया गया, जिसका आयोजन विश्व युवक केंद्र सभागार चाणक्यपुरी नई दिल्ली में किया गया। समारोह में देश के विभिन्न क्षेत्रों से आए शिक्षाविदों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और विशिष्ट व्यक्तित्वों की उपस्थिति ने कार्यक्रम को गरिमामयी बनाया।
इस अवसर पर कार्यक्रम में वरिष्ठ आईएएस अधिकारी रंजीत कुमार सिंह (सचिव, दिल्ली विधानसभा), विकास सिंह (अध्यक्ष, सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन एवं पूर्व अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल, भारत सरकार), डॉ अन्नपूर्णा मिश्रा (पूर्व महापौर, पूर्वी दिल्ली नगर निगम), डॉ मनन कौशल (निदेशक, भारतीय पर्यटन विकास परिषद) तथा पद्मश्री से सम्मानित उर्मिला श्रीवास्तव सहित अनेक प्रतिष्ठित अतिथि उपस्थित रहे।

समारोह के दौरान शिक्षा, समाज सेवा, उद्यमिता और सामाजिक नवाचार के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले कई विशिष्ट व्यक्तित्वों को भी सम्मानित किया गया।
सहायक अध्यापिका हेमलता बलूनी को यह सम्मान विद्यालयी शिक्षा में रचनात्मक प्रयोगों, छात्र-केंद्रित शिक्षण पद्धतियों और नवाचार आधारित गतिविधियों के लिए प्रदान किया गया। उन्होंने प्राथमिक स्तर पर शिक्षण को अधिक रोचक, सहभागी और जीवनोपयोगी बनाने के लिए कई नवाचारी प्रयोग किए हैं, जिससे विद्यार्थियों में भाषा दक्षता, सृजनात्मकता और आत्मविश्वास का विकास हुआ है।
ग्रामीण परिवेश में शिक्षा की गुणवत्ता को सुदृढ़ बनाने तथा मातृभाषा और हिंदी के माध्यम से ज्ञानार्जन को प्रोत्साहित करने की दिशा में उनके प्रयासों की व्यापक सराहना की जा रही है। शिक्षा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता और नवाचार की भावना विद्यार्थियों के साथ-साथ अन्य शिक्षकों के लिए भी प्रेरणास्रोत बन रही है।
क्षेत्रीय शिक्षकों, सामाजिक संगठनों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने इस उपलब्धि पर खुशी व्यक्त करते हुए इसे क्षेत्र के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि बताया है। उनका कहना है कि ऐसे सम्मान ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत शिक्षकों का उत्साह बढ़ाते हैं और शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार को नई दिशा प्रदान करते हैं।
