पेयजल शिकायतों पर डीएम सख्त, 15 दिन में समाधान के निर्देश
पौड़ी। जल जीवन मिशन एवं पेयजल से संबंधित शिकायतों की विस्तृत समीक्षा बैठक आज जिला मुख्यालय स्थित एनआईसी कक्ष में जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में जनसुनवाई मंचों, जनता दरबार, ‘जन जन की सरकार’ कार्यक्रम तथा तहसील दिवस में प्राप्त पेयजल शिकायतों की विभागवार समीक्षा करते हुए उनके त्वरित एवं स्थायी समाधान के लिए अधिकारियों को समयबद्ध निर्देश दिए गए।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि उद्देश्य केवल शिकायतों का निस्तारण नहीं, बल्कि उनके मूल कारणों की पहचान कर स्थायी समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। कुछ प्रमुख मामलों को केस स्टडी के रूप में लेकर प्रणालीगत कमियों का विश्लेषण किया गया, ताकि भविष्य में समस्याओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
उन्होंने कनिष्ठ अभियंताओं को पेयजल योजनाओं का नियमित निरीक्षण करने तथा शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। गांवों में पानी की आपूर्ति से संबंधित समस्या की सूचना फिटर द्वारा तत्काल कनिष्ठ अभियंता को देने, लीकेज, वाल्व, वितरण प्रणाली एवं इंटेक चैंबर की खराबियों का तुरंत समाधान करने तथा सभी फिटर के संपर्क नंबर पंचायत भवनों में चस्पा करने के निर्देश दिए गए। जहां कार्मिक तैनात नहीं हैं, वहां सूची बनाकर शीघ्र तैनाती सुनिश्चित करने को कहा गया।
जल संस्थान, जल निगम एवं जल जीवन मिशन के अधिशासी अभियंताओं को अपने-अपने कार्यक्षेत्र के गांवों की सूची साझा करने के निर्देश दिए गए, ताकि योजनाओं में समन्वय स्थापित हो और दोहराव से बचा जा सके। इससे यह स्पष्ट होगा कि कौन-सी योजना किस विभाग के अंतर्गत संचालित है और उसकी जिम्मेदारी तय की जा सके।
टाटरी गांव की समस्या की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि कोई भी परिवार पेयजल सुविधा से वंचित न रहे तथा शत-प्रतिशत नल कनेक्शन सुनिश्चित किए जाएं। छूटे हुए परिवारों का 15 दिन में सत्यापन कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
कुछ क्षेत्रों में स्रोतों में पानी की कमी पर उन्होंने संबंधित डिवीजनों को डीपीआर के अनुरूप पुनः सर्वे कर 15 दिन में रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। वैकल्पिक स्रोत चिन्हीकरण, स्रोत संवर्द्धन, रिचार्ज कार्य, पंपिंग व्यवस्था अथवा योजना पुनर्गठन जैसे विकल्पों पर शीघ्र कार्यवाही सुनिश्चित करने को कहा। नगर क्षेत्रों में लीकेज की समस्या के त्वरित समाधान हेतु विशेष मरम्मत दल गठित कर एक घंटे में मौके पर पहुंचने की व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए गए।
विकासखंड पाबौ के ग्राम कलूण में ‘हर घर जल’ योजना के कार्यों की गुणवत्ता पर शिकायत मिलने पर जिलाधिकारी ने नई पाइप की भौतिक उपस्थिति सुनिश्चित करने तथा संबंधित डिवीजन की जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए। जिला योजना के अंतर्गत स्वीकृत धनराशि का पूरा विवरण उपलब्ध कराने तथा वित्तीय पारदर्शिता सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।
जल जीवन मिशन की प्रगति की समीक्षा करते हुए उन्होंने ‘रिपोर्टेड’ एवं ‘सर्टिफाइड’ नल कनेक्शनों के बीच अंतर शीघ्र समाप्त करने, लंबित योजनाओं को ठेकेदारों के साथ बैठक कर समयबद्ध पूर्ण करने तथा थर्ड पार्टी निरीक्षण की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। सभी योजनाओं में सूचना पट्ट अनिवार्य रूप से प्रदर्शित करने तथा 15 मार्च तक लंबित एटीआर प्रस्तुत करने को कहा गया।
कैच द रैन अभियान की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने सभी जल स्रोतों एवं संरचनाओं का विवरण पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश दिए।
बैठक में संयुक्त मजिस्ट्रेट दीक्षिता जोशी सहित जल संस्थान, जल निगम एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
– सूचना एवं लोक संपर्क विभाग, पौड़ी गढ़वाल
