प्रारंभिक शिक्षा निदेशक ने विधायक पर लगाए गंभीर आरोप, रायपुर थाने में एफआईआर दर्ज
कार्यालय में घुसकर मारपीट, गाली-गलौच व जान से मारने की धमकी का मामला, कर्मचारी व सामाजिक संगठनों में आक्रोश
देहरादून, 21 फरवरी। उत्तराखंड के प्रारंभिक शिक्षा निदेशक अजय कुमार नौडियाल ने रायपुर थाने में तहरीर देकर स्वयं एवं विभागीय कर्मचारियों पर कथित जानलेवा हमले, मारपीट, गाली-गलौच तथा जान से मारने की धमकी दिए जाने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज कराई है। घटना के बाद शिक्षा विभाग, कर्मचारी संगठनों तथा विभिन्न सामाजिक एवं राजनीतिक संगठनों में व्यापक रोष व्याप्त है।

क्या है पूरा मामला
प्राप्त जानकारी के अनुसार 21 फरवरी को लगभग दोपहर 12 बजे रायपुर विधायक उमेश शर्मा काऊ अपने समर्थकों के साथ बिना पूर्व सूचना के प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय कार्यालय पहुंचे। आरोप है कि विधायक एवं उनके साथ आए कुछ व्यक्तियों ने कार्यालय में मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ अभद्र व्यवहार किया।
निदेशक द्वारा दी गई तहरीर के अनुसार, कार्यालय कक्ष में घुसकर गाली-गलौच की गई, कर्मचारियों के साथ मारपीट की गई तथा बाहर निकलकर जान से मारने की धमकी दी गई। घटना के दौरान कार्यालय परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और कर्मचारी भयभीत हो गए।
प्राथमिकी दर्ज, जांच शुरू
निदेशक की शिकायत के आधार पर रायपुर थाना पुलिस ने संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। सीसीटीवी फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान तथा अन्य साक्ष्यों को एकत्रित किया जा रहा है। संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर पूछताछ की प्रक्रिया भी प्रारंभ की गई है।
कर्मचारी संगठनों में रोष
घटना के बाद विभिन्न कर्मचारी संगठनों ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। संगठनों का कहना है कि यदि अधिकारियों एवं कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की गई तो वे आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि दोषियों के खिलाफ कड़ी एवं निष्पक्ष कार्रवाई की जाए और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
राजनीतिक व सामाजिक संगठनों की प्रतिक्रिया
घटना पर विभिन्न राजनीतिक एवं सामाजिक संगठनों ने भी आक्रोश व्यक्त किया है। कई संगठनों ने इसे प्रशासनिक व्यवस्था पर दबाव बनाने का प्रयास बताते हुए लोकतांत्रिक मर्यादाओं के उल्लंघन की संज्ञा दी है। वहीं कुछ संगठनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है ताकि तथ्य सामने आ सकें।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार पूरे घटनाक्रम की विस्तृत रिपोर्ट उच्च स्तर पर भेज दी गई है। साथ ही, सरकारी कार्यालयों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्राथमिकता है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल पुलिस जांच जारी है और मामले को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।
