जिला योजना कार्यों में लापरवाही पर सख्त जिलाधिकारी, 15 फरवरी तक प्रगति नहीं तो वेतन रोका जाएगा
पौड़ी। जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने कलक्ट्रेट सभागार में जिला योजना के अंतर्गत अपेक्षाकृत कम प्रगति वाले 17 विभागों की समीक्षा बैठक आयोजित कर विभागीय कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि 15 फरवरी तक कार्यों में संतोषजनक प्रगति सुनिश्चित की जाए, अन्यथा संबंधित अधिकारियों का फरवरी माह का वेतन आहरित नहीं किया जाएगा।

बुधवार को आयोजित जिला योजना प्रगति समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि जिला योजना के अंतर्गत संचालित सभी कार्यों को गुणवत्ता, पारदर्शिता एवं आपसी समन्वय के साथ समयबद्ध रूप से पूर्ण किया जाना अनिवार्य है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में जवाबदेही तय करना और नियमित मॉनिटरिंग करना आवश्यक है, ताकि जनहित से जुड़े कार्य निर्धारित समयसीमा में पूरे हो सकें।
जिलाधिकारी ने कोषागार स्तर पर किसी भी बीजक का भुगतान लंबित न रहने के निर्देश दिए। इसके लिए उन्होंने मुख्य कोषाधिकारी, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी तथा संबंधित विभागीय अधिकारियों को निरंतर फॉलोअप करने को कहा। साथ ही उन्होंने वित्तीय एवं भौतिक प्रगति के बीच संतुलन बनाए रखते हुए कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।
जल निगम के अधिकारियों को निर्देशित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि चालू वित्तीय वर्ष में जिला योजना से संचालित निर्माण कार्यों की भौतिक प्रगति से संबंधित अद्यतन फोटोग्राफ एवं मापन पुस्तिका (एम.बी.) 15 फरवरी तक उपलब्ध कराई जाए, जिससे कार्यों की गुणवत्ता एवं प्रगति का प्रभावी मूल्यांकन किया जा सके।
मुख्य पशुचिकित्साधिकारी को निर्देश दिए गए कि विभागीय योजनाओं के अंतर्गत प्राप्त सभी पात्र आवेदकों को इसी माह शत-प्रतिशत लाभान्वित किया जाए। इसके साथ ही क्षेत्रीय चिकित्सालयों को भेजी जाने वाली दवाओं की आपूर्ति एवं वितरण की पूरी प्रक्रिया भी इसी माह पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी गिरीश गुणवंत, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी राम सलोने, मुख्य पशुचिकित्साधिकारी डॉ. विशाल शर्मा, अधिशासी अभियंता लोनिवि निर्भय सिंह एवं रीना नेगी, अधिशासी अभियंता जल निगम नवनीत कटारिया, अभिषेक मिश्रा एवं अजय बेलवाल, जिला समाज कल्याण अधिकारी रोहित सिंह, एसडीओ वन विभाग आईशा बिष्ट, एडीपीआरओ प्रदीप सुदरियाल सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
सूचना एवं लोक संपर्क विभाग, पौड़ी गढ़वाल
