मैठाणा गांव तक मोटरमार्ग की मांग: पूर्व प्रधान दीपचंद शाह ने वीडियो के जरिए शासन-प्रशासन से लगाई गुहार
द्वारीखाल। ग्रामसभा किन्सुर के पूर्व प्रधान दीपचंद शाह ने अपनी फेसबुक वॉल पर एक वीडियो साझा कर मैठाणा गांव में मोटरमार्ग की गंभीर समस्या को सामने रखा है। वीडियो में वे कंधे पर आटे का कट्टा रखे हुए, अपनी पत्नी के साथ चार माह के पुत्र को टीकाकरण कराने के बाद किन्सुर गांव से पैदल घर लौटते दिखाई दे रहे हैं। इस दौरान वे चलते-चलते शासन-प्रशासन से गांव तक सड़क सुविधा उपलब्ध कराने की मांग कर रहे हैं।

दीपचंद शाह ने बताया कि मैठाणा गांव के ग्रामीण उत्तराखंड राज्य निर्माण से पूर्व से ही मोटरमार्ग की मांग करते आ रहे हैं, लेकिन डल, ग्वाड़ी, उमन एवं मैठाणा गांव आज भी सड़क से नहीं जुड़ पाए हैं। उन्होंने कहा कि मैठाणा गांव के लोगों को आज भी लगभग 3 से 4 किलोमीटर पैदल चलकर पोगठा टैक्सी स्टैंड तक पहुंचना पड़ता है।
उन्होंने अपनी आपबीती साझा करते हुए कहा कि बीमार मरीजों एवं प्रसूता महिलाओं को भी इसी दुर्गम पैदल मार्ग से अस्पताल तक ले जाया जाता है। ग्राम पंचायत किन्सुर की वर्तमान प्रधान मालती शाह को भी अगस्त माह में प्रसव पीड़ा के दौरान शाम करीब 6 बजे घर से पैदल चलकर पोगठा टैक्सी स्टैंड तक पहुंचाया गया, जिसके बाद रात 1 बजे दून अस्पताल, देहरादून पहुंचना संभव हो पाया। यही स्थिति गांव की अन्य प्रसूता महिलाओं एवं बच्चों के टीकाकरण के समय भी रहती है।
पूर्व प्रधान ने यमकेश्वर विधायक रेनू बिष्ट, ग्राम्य विकास मंत्री गणेश जोशी, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, जिलाधिकारी पौड़ी स्वाति एस. भदौरिया एवं मुख्य विकास अधिकारी गिरीश गुणवन्त से इस गंभीर समस्या के शीघ्र समाधान की अपील की है। उन्होंने बताया कि अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने इस मोटरमार्ग के लिए संबंधित विभाग को अनापत्ति प्रमाण पत्र भी उपलब्ध कराया था तथा सीएम पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
पूर्व प्रधान दीपचंद शाह ने वर्तमान प्रधान मालती शाह के साथ वीडियो साझा करते हुए कहा कि यह पूर्व प्रधान, वर्तमान प्रधान एवं समस्त ग्रामीणों की सामूहिक मांग है। साथ ही उन्होंने मीडिया एवं सोशल मीडिया से जुड़े सभी लोगों से वीडियो अधिक से अधिक साझा करने की अपील की है, ताकि यह मामला शासन-प्रशासन तक पहुंचे और ग्रामीणों को जल्द राहत मिल सके।
