1971 युद्ध की ऐतिहासिक विजय की स्मृति में पौड़ी में गरिमामय समारोह, शहीदों को दी श्रद्धांजलि
पौड़ी। 1971 के भारत–पाकिस्तान युद्ध में भारत की ऐतिहासिक विजय की स्मृति में जनपद पौड़ी गढ़वाल में विजय दिवस हर्षोल्लास एवं गरिमामय वातावरण में मनाया गया। इस अवसर पर विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने एनसीसी कैडेट्स के नेतृत्व में एजेंसी चौक से कलेक्ट्रेट परिसर तक मार्च पास्ट निकाला। मार्च पास्ट को स्थानीय विधायक राजकुमार पोरी ने एजेंसी चौक पर हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

इसके उपरांत विधायक सहित अन्य अधिकारियों ने शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर देश के वीर शहीदों को श्रद्धासुमन अर्पित किए। पुलिस बल द्वारा शहीदों के सम्मान में गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया।
कार्यक्रम के दूसरे चरण में प्रेक्षागृह में आयोजित समारोह का शुभारंभ विधायक राजकुमार पोरी एवं मुख्य विकास अधिकारी गिरीश गुणवंत ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस दौरान राजकीय आदर्श प्राथमिक विद्यालय की छात्राओं द्वारा प्रस्तुत देशभक्ति गीतों ने पूरे सभागार को देशप्रेम की भावना से ओत-प्रोत कर दिया। कार्यक्रम में वीर सैनिकों एवं शहीद सैनिकों की वीरांगनाओं को सम्मानित किया गया।
समारोह को संबोधित करते हुए विधायक राजकुमार पोरी ने कहा कि जब देश का जांबाज़ सिपाही सीमाओं पर दिन-रात देश की रक्षा करता है, तभी हम सुरक्षित वातावरण में जीवन यापन कर पाते हैं। उन्होंने कहा कि देश सर्वोपरि है और प्रत्येक नागरिक अपने कर्तव्यों का निष्ठापूर्वक निर्वहन कर राष्ट्र सेवा कर सकता है। विधायक ने बताया कि 1971 के युद्ध में पौड़ी जनपद के 33 वीर सैनिकों ने अपने प्राणों की आहुति दी, जिन्हें देश कभी नहीं भुला सकता। उन्होंने युवाओं से देशभक्ति, अनुशासन और सेवा-भाव को जीवन का लक्ष्य बनाने का आह्वान किया।
मुख्य विकास अधिकारी गिरीश गुणवंत ने अपने संबोधन में कहा कि 1971 का भारत–पाकिस्तान युद्ध भारतीय सेना के अदम्य साहस, शौर्य और रणनीतिक कौशल का प्रतीक है, जिसके परिणामस्वरूप बांग्लादेश को स्वतंत्रता मिली। उन्होंने कहा कि यह विजय केवल सैन्य सफलता नहीं, बल्कि मानवता और न्याय की जीत भी थी। उन्होंने जनपदवासियों को विजय दिवस की शुभकामनाएं देते हुए राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान देने की अपील की।
1971 के युद्ध में सम्मिलित रहे एवं प्रत्यक्षदर्शी सेवानिवृत्त कैप्टन सत्य प्रकाश धस्माणा ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि यह युद्ध भारतीय सेना के साहस, अनुशासन और उत्कृष्ट नेतृत्व का जीवंत उदाहरण है। उन्होंने बताया कि इस युद्ध में पाकिस्तान के 93,000 सैनिकों का आत्मसमर्पण विश्व सैन्य इतिहास की एक अभूतपूर्व घटना है। उन्होंने युवाओं से राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के दौरान निबंध प्रतियोगिता में पीएम श्री राइका पौड़ी की छात्रा ऐश्वर्या नौटियाल ने प्रथम, राइका मैसमौर की छात्रा आंचल ने द्वितीय तथा डीएवी इंटर कॉलेज पौड़ी की छात्रा मरियम ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। वहीं चित्रकला प्रतियोगिता में राइका पैडुल की प्राची (प्रथम), राइका क्यार्क के लोकेन्द्र शाह (द्वितीय) तथा पीएम श्री राइका पौड़ी की छात्रा कविता (तृतीय) को पुरस्कार एवं प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।
इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी अनिल गर्ब्याल, सहायक सैनिक कल्याण अधिकारी सत्यपाल सिंह रावत, सेवानिवृत्त नायब सुबेदार श्रीचंद सिंह रावत, सेवानिवृत्त हवलदार बीरेन्द्र सिंह, सेवानिवृत्त ऑनरेरी कैप्टन मातबर सिंह नेगी, सेवानिवृत्त सुबेदार भाकचंद सिंह रावत, शहीद सैनिकों की वीरांगनाएं सुशीला देवी, विमला देवी, लीला देवी सहित बड़ी संख्या में सेवानिवृत्त सैनिक, स्कूली छात्र-छात्राएं एवं जनसमुदाय उपस्थित रहा।
सूचना एवं लोक संपर्क विभाग, पौड़ी गढ़वाल
