स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर जिला प्रशासन का बड़ा कदम
20 संवेदनशील विद्यालयों में ग्राम प्रहरियों की तैनाती
पौड़ी गढ़वाल। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देशों के क्रम में जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने जनपद में स्कूली बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने की दिशा में एक अहम कदम उठाया है। वन्य जीवों की बढ़ती सक्रियता एवं मानव–वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं को देखते हुए जनपद के 20 संवेदनशील विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों के लिए घर से विद्यालय तक तथा विद्यालय से सुरक्षित वापसी हेतु ग्राम प्रहरियों की तैनाती की गई है।

बीते दिनों जिलाधिकारी द्वारा सभी विकासखंडों के शिक्षाधिकारियों के साथ बैठक आयोजित कर बच्चों की सुरक्षा के लिए लागू एस्कॉर्ट व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की गई थी। बैठक में जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए थे कि बच्चों की घर से विद्यालय तक सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावी ढंग से सुनिश्चित किया जाए तथा उन विद्यालयों की सूची शीघ्र उपलब्ध कराई जाए, जहां एस्कॉर्ट व्यवस्था की सर्वाधिक आवश्यकता है।
जनपद में लगातार सामने आ रही वन्य जीव एवं मानव संघर्ष की घटनाओं को ध्यान में रखते हुए वन विभाग द्वारा संवेदनशील क्षेत्रों का चिन्हांकन किया गया। इसके आधार पर मुख्य शिक्षा अधिकारी ने विकासखंड खिर्सू, कल्जीखाल, पौड़ी, कोट, बीरोंखाल, जयहरीखाल, द्वारीखाल एवं पोखड़ा अंतर्गत संवेदनशील क्षेत्रों में संचालित 20 विद्यालयों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को सुरक्षा एस्कॉर्ट उपलब्ध कराने का प्रस्ताव जिलाधिकारी के समक्ष रखा।
प्रस्ताव पर त्वरित निर्णय लेते हुए जिलाधिकारी ने सभी चिन्हित संवेदनशील विद्यालयों में जाने वाले बच्चों की सुरक्षा के लिए ग्राम प्रहरियों की तैनाती के निर्देश जारी किए। वर्तमान में ग्राम प्रहरी बच्चों को उनके घर से विद्यालय तक पहुंचाने तथा विद्यालय से सुरक्षित वापस लाने का कार्य कर रहे हैं।
इसके साथ ही जिलाधिकारी ने विद्यालय प्रबंधन समितियों, ग्राम प्रहरियों एवं वन विभाग के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए बच्चों की सुरक्षा से जुड़े सभी आवश्यक एवं प्रभावी कदम उठाने के निर्देश भी दिए हैं, ताकि किसी भी प्रकार की अनहोनी से बच्चों को सुरक्षित रखा जा सके।
सूचना एवं लोक संपर्क विभाग, पौड़ी गढ़वाल
