डॉ. बी.आर. अम्बेडकर राजकीय अनुसूचित जाति बालक छात्रावास बना शिक्षा व समान अवसर का सशक्त केंद्र
पौड़ी। डॉ. बी.आर. अम्बेडकर राजकीय अनुसूचित जाति बालक छात्रावास, पौड़ी गढ़वाल, जिसकी स्थापना वर्ष 1989-90 में समाज कल्याण विभाग द्वारा की गई थी, आज मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में शिक्षा, समान अवसर और सामाजिक उत्थान के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित हो रहा है। धामी सरकार द्वारा छात्रावास को लगातार सुदृढ़ किए जाने से कमजोर वर्गों के छात्रों को उच्च गुणवत्ता वाली आवासीय व शैक्षणिक सुविधाएँ मिल रही हैं।

जिला समाज कल्याण अधिकारी रोहित दुबड़िया ने बताया कि छात्रावास की 48 स्वीकृत सीटों में से वर्तमान में 31 छात्र पंजीकृत हैं। छात्रों को निःशुल्क आवास, भोजन, वाई-फाई, अध्ययन सामग्री सहित आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं। शैक्षणिक उन्नति के लिए छात्रावास में निःशुल्क कोचिंग की भी व्यवस्था की गई है, जिससे विद्यार्थियों को निरंतर लाभ मिल रहा है। इस पहल का परिणाम यह रहा कि यहाँ के 1 छात्र का सेना में, 1 का तकनीकी क्षेत्र में, 1 का अध्यापन क्षेत्र में तथा 1 छात्र का चयन चिकित्सा क्षेत्र में हुआ है।
उन्होंने बताया कि छात्रावास में 18 कमरे, किचन और डाइनिंग हॉल उपलब्ध हैं। वर्ष 2025 में जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया के निर्देशन में जिला योजना मद से छात्रावास का व्यापक नवीनीकरण किया गया, जिसमें ग्राउंड फ्लोर के 5 कमरों, किचन, डाइनिंग हॉल, बाथरूम, टॉयलेट, टिन शेड, बाउंड्री वॉल और छत की मरम्मत शामिल थी। इसके साथ ही पेयजल के लिए 2 वाटर आरओ, रात्रिकालीन सुरक्षा के लिए सोलर एवं स्ट्रीट लाइट, तथा ई-निविदा आधारित सुव्यवस्थित भोजन व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।
छात्रावास अधीक्षक जयदेव नौगाईं ने बताया कि छात्रावास में सभी छात्रों की सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाता है और उन्हें आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया जाता है। वर्ष 2024 में सभी विद्यार्थियों को खेल महाकुंभ में प्रतिभाग कराया गया, जिससे उनके व्यक्तित्व विकास को नई दिशा मिली।
समाज कल्याण विभाग एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित यह छात्रावास आज शिक्षा के माध्यम से सामाजिक परिवर्तन की प्रेरणादायक मिसाल पेश कर रहा है और अनेक विद्यार्थियों के सपनों को साकार कर रहा है।
सूचना एवं लोक संपर्क विभाग, पौड़ी गढ़वाल
