राज्य स्थापना दिवस की रजत जयंती पर जनपदभर में राज्य आंदोलनकारी सम्मान समारोह आयोजित
पौड़ी। उत्तराखण्ड राज्य स्थापना दिवस की रजत जयंती के पूर्व अवसर पर जनपद पौड़ी गढ़वाल की सभी तहसील मुख्यालयों पर राज्य आंदोलनकारी सम्मान समारोह का आयोजन गरिमामय वातावरण में किया गया।

समारोह का शुभारंभ शहीद राज्य आंदोलनकारियों के चित्रों पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि और कृतज्ञता व्यक्त करने से हुआ। तत्पश्चात राज्य आंदोलन में योगदान देने वाले आंदोलनकारियों को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया।
जिला मुख्यालय पौड़ी में आयोजित समारोह में स्थानीय विधायक राजकुमार पोरी मुख्य अतिथि तथा जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया की गरिमामयी उपस्थिति रही। दोनों अतिथियों ने शहीद आंदोलनकारियों को नमन करते हुए उनके योगदान को नयी पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत बताया।
विधायक राजकुमार पोरी ने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य हमारे आंदोलनकारियों के अथक संघर्ष और बलिदान का परिणाम है। अब हमारी जिम्मेदारी है कि उनके आदर्शों के अनुरूप एक समृद्ध और आत्मनिर्भर उत्तराखण्ड का निर्माण करें।
नगर पालिका अध्यक्ष हिमानी नेगी ने कहा कि राज्य आंदोलन हमारे साहसी आंदोलनकारियों के त्याग और संघर्ष की प्रतीक गाथा है। आज का यह समारोह उनके प्रति हमारी कृतज्ञता का प्रतीक है।
ब्लॉक प्रमुख अस्मिता नेगी ने कहा कि इस राज्य की स्थापना का उद्देश्य यही था कि यहाँ की पानी और जवानी यहीं के काम आए।
जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने कहा कि रजत जयंती का यह उत्सव राज्य आंदोलनकारियों के त्याग और संघर्ष को समर्पित है। मुख्यमंत्री के निर्देशन में आयोजित यह कार्यक्रम आत्ममंथन का अवसर है कि हमने अब तक क्या हासिल किया और आगे क्या लक्ष्य तय करने हैं। उन्होंने कहा कि विकास की दिशा नीचे से ऊपर की ओर होनी चाहिए, जिसमें जनता की भागीदारी और प्रशासन का समन्वय अनिवार्य है।
उन्होंने सभी से आह्वान किया कि हम सब मिलकर आंदोलनकारियों के सपनों का उत्तराखण्ड बनाएं — जो शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और सुशासन में अग्रणी हो।
कार्यक्रम में राज्य आंदोलनकारियों विश्वम्बर दत्त खंकरियाल, सुषमा रावत, बीरा भंडारी, रेवती नंदन डंगवाल, सरिता नेगी, अद्वैत बहुगुणा, महेंद्र असवाल, सावित्री नेगी, प्रेम बल्लभ पंत एवं कुंजिका प्रसाद उनियाल ने अपने संबोधन में राज्य आंदोलन की स्मृतियों, संघर्षों और जनभावनाओं को साझा किया।
उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य हमारे त्याग, एकता और अटूट संकल्प की अमर गाथा है, और नयी पीढ़ी को आंदोलन की भावना को आत्मसात कर राज्य निर्माण में योगदान देना चाहिए।
कार्यक्रम में बीआर मॉडर्न विद्यालय की छात्राओं ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया, जबकि विद्यार्थियों द्वारा दी गई सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने समारोह को भावनात्मक और प्रेरणादायक बना दिया।
इसी क्रम में जनपद की सभी तहसीलों में भी राज्य आंदोलनकारियों के सम्मान में कार्यक्रमों का आयोजन उत्साहपूर्वक किया गया।
इस अवसर पर संयुक्त मजिस्ट्रेट दीक्षिता जोशी, तहसीलदार दीवान सिंह राणा, जिला शिक्षाधिकारी (माध्यमिक) रणजीत सिंह नेगी, नगर पालिकाध्यक्ष, जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी, राज्य आंदोलनकारी तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे।
सूचना एवं लोक संपर्क विभाग, पौड़ी गढ़वाल
