“प्रधानमंत्री जी, उत्तराखंड के शहीदों की आत्माएं पूछ रही हैं — मुलायम सिंह यादव को पद्म विभूषण क्यों?” : मोहित डिमरी
देहरादून। उत्तराखंड स्वाभिमान मोर्चा के महासचिव मोहित डिमरी ने कहा कि उत्तराखंड राज्य स्थापना के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर देश के प्रधानमंत्री उत्तराखंड आ रहे हैं।हमारे लिए गर्वपूर्ण और भावनात्मक क्षण है, जब हम अपने संघर्षों, बलिदानों और उपलब्धियों को याद करेंगे।
लेकिन इसी मौके पर राज्य की जनता के मन में एक गंभीर सवाल उठ रहा है — “प्रधानमंत्री जी, आपने मुलायम सिंह यादव को पद्म विभूषण क्यों दिया? ऐसा कौन-सा महान कार्य था जिसके लिए उन्हें देश का दूसरा सर्वोच्च नागरिक सम्मान प्रदान किया गया?”

डिमरी ने कहा कि प्रधानमंत्री को यह याद रखना चाहिए कि उत्तराखंड राज्य निर्माण के लिए हजारों लोगों ने सड़कों पर संघर्ष किया, और मसूरी, खटीमा व रामपुर तिराहा में निर्दोष आंदोलनकारियों पर गोलियां चलाई गईं, महिलाओं का अपमान हुआ। उस समय उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव थे, जिनके शासन में यह अत्याचार हुए।
उन्होंने कहा कि जब उसी मुलायम सिंह यादव को पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया, तो यह निर्णय उत्तराखंड के हर उस व्यक्ति के स्वाभिमान पर आघात था, जिसने राज्य निर्माण में बलिदान दिया और प्रधानमंत्री पर भरोसा कर वोट दिया।
डिमरी ने कहा कि यह कदम उत्तराखंड के शहीदों, मातृशक्ति और आंदोलनकारियों के साथ अन्याय था।
“एक ओर प्रधानमंत्री उस भूमि पर आ रहे हैं जहां लोग हर वर्ष अपने शहीदों की याद में दीप जलाते हैं, दूसरी ओर उन्होंने उन्हीं के जिम्मेदार व्यक्ति को सम्मानित किया — क्या यही संवेदनशीलता और न्याय है?”
उन्होंने कहा कि हंसा धनाई, बेलमती चौहान समेत 42 शहीद आत्माएं आज भी यह सवाल पूछ रही हैं कि क्या उन्होंने अपनी जान इसलिए दी थी कि उनके हत्यारे को सम्मान मिले।
मोहित डिमरी ने प्रधानमंत्री से कहा — “जब आप उत्तराखंड आएं, तो शहीदों की माताओं की आंखों में झांककर देखिएगा, वे आपसे यही पूछेंगी — मुलायम सिंह यादव को पद्म विभूषण क्यों दिया गया? अपने शहीदों के सम्मान और स्वाभिमान के लिए उत्तराखंड की जनता भी इस सवाल का जवाब जानना चाहती है।”
