वन कानूनों में संशोधन और रुकी सड़कों की स्वीकृति को लेकर यूकेडी का कोटद्वार में प्रदर्शन
कोटद्वार। उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) की महानगर इकाई कण्व नगरी कोटद्वार द्वारा आज विधानसभा अध्यक्षा श्रीमती ऋतु भूषण खंडूड़ी के कैम्प कार्यालय, कोटद्वार में जोरदार प्रदर्शन और धरना दिया गया। प्रदर्शन का उद्देश्य चिल्लरखाल–लालढांग नेशनल हाईवे सहित वन अधिनियम व वन संरक्षण अधिनियम के कारण रुके हुए विकास मोटर मार्गों की स्वीकृति की मांग करना था।

प्रदर्शन के दौरान एक सभा का भी आयोजन किया गया, जिसमें यूकेडी संरक्षक डॉ. शक्तिशैल कपरवाण ने उत्तराखंड के पाँचों सांसदों पर आरोप लगाया कि उनकी इरादतन लापरवाही के कारण राज्य में कई महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाएं अधर में लटकी हुई हैं। उन्होंने कहा कि चिल्लरखाल–लालढांग, कालागढ़–कोटद्वार नेशनल हाईवे, यमकेश्वर विकासखंड में बीन नदी पुल, कौड़िया–किमसार मोटर मार्ग का डामरीकरण, तथा नीलकंठ–पटना–गरुड़चट्टी मोटर मार्ग जैसे निर्माण कार्य लंबे समय से रुके पड़े हैं।
डॉ. कपरवाण ने सांसदों से मांग की कि वे संसद में वन कानूनों और वन्य जीव संरक्षण कानून में संशोधन कर उन्हें जनोपयोगी और विकास उन्मुख बनाएं तथा राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड, एनजीटी और सुप्रीम कोर्ट में लंबित परियोजनाओं की स्वीकृति के लिए पहल करें।
यूकेडी के अनुशासन समिति अध्यक्ष महेंद्र सिंह रावत ने कहा कि पिछले दो महीने से अधिक समय से चिल्लरखाल में नेशनल हाईवे निर्माण के लिए आंदोलन चल रहा है, लेकिन सरकार अब तक चुप है। उन्होंने मुख्यमंत्री से इस सड़क की शीघ्र स्वीकृति देने की मांग की।

इस अवसर पर महानगर अध्यक्ष जगदीपक सिंह रावत, पितृशरण जोशी, संगठनात्मक जिला अध्यक्ष मुकेश बड़थ्वाल, सत्यपाल सिंह नेगी, प्रवेश नवानी, देवेन्द्र सिंह रावत, भारत मोहन काला, पुष्कर सिंह रावत, गुलाब सिंह रावत, हयात सिंह, जनार्दन ध्यानी, उमेद सिंह भंडारी, कमलेश कुकरेती, पंकज डबराल, अशोक कंडारी, हरीश ध्यानी, हरीश चौहान सहित सौ से अधिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
