पौड़ी

जिलाधिकारी ने राजस्व विभाग की मासिक समीक्षा बैठक ली, दिए पारदर्शिता और जनसेवा को प्राथमिकता देने के निर्देश

पौड़ी। जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में राजस्व विभाग की मासिक स्टाफ समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस दौरान राजस्व, परिवहन, पूर्ति, आबकारी सहित विभिन्न विभागों की कार्य प्रगति एवं राजस्व वसूली की स्थिति की विस्तार से समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने विभागीय कार्यों की गहन समीक्षा करते हुए राजस्व प्रशासन में पारदर्शिता, समयबद्ध निस्तारण और जनसेवा की गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।

उन्होंने उप जिलाधिकारियों को निर्देशित किया कि जाति, आय एवं स्थायी निवास प्रमाणपत्र से संबंधित सभी मामलों का निस्तारण निर्धारित समय सीमा में किया जाए। इसके साथ ही सेवानिवृत्त कर्मचारियों के देयक, एसीआर और सेवा पुस्तिका से जुड़े मामलों में त्वरित कार्यवाही के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने सभी तहसीलों को सीएम हेल्पलाइन और जिला कार्यालय में लंबित प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।

राजस्व वसूली की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने उप जिलाधिकारियों को वसूली लक्ष्यों की पूर्ति के निर्देश दिए और कहा कि बड़े बकायों की वसूली के लिए संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित किया जाए। उन्होंने तहसील स्तर पर वसूली का नियमित विश्लेषण करने को भी कहा।

न्यायालयीन मामलों पर बात करते हुए जिलाधिकारी ने उप जिलाधिकारियों को लंबित प्रकरणों का त्वरित निस्तारण करने के निर्देश दिए। उन्होंने नायब तहसीलदारों को राजस्व पुलिस से संबंधित मामलों का अवलोकन कर शीघ्र कार्रवाई करने को कहा। साथ ही तहसीलों में आवासीय भवन निर्माण की प्रगति की समीक्षा करते हुए लोक निर्माण विभाग और उप जिलाधिकारी को नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए।

धुमाकोट और सतपुली तहसील में नामिका अधिवक्ता/सहायक अभियोजन अधिकारी की नियुक्ति हेतु प्रस्ताव भेजने को भी कहा गया।

 

जिलाधिकारी ने स्कूलों, अस्पतालों और राशन दुकानों की नियमित जांच के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नए राशन कार्ड केवल पात्र व्यक्तियों को ही दिए जाएं, जिसके लिए जिला पूर्ति अधिकारी को एसओपी और एकल पात्रता सूची तैयार करने के निर्देश दिए। साथ ही दूरस्थ क्षेत्रों में सिलेंडर वितरण में आ रही शिकायतों पर उप जिलाधिकारियों को गोदामों का रोस्टर निरीक्षण करने और राशन दुकानों का रैंडम सत्यापन करने के निर्देश दिए।

आबकारी विभाग की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने 30 दिन से अधिक लंबित वसूली प्रकरणों पर त्वरित कार्रवाई करने को कहा। उन्होंने वसूली को प्रतिभूतियों के सापेक्ष समायोजित करने के निर्देश दिए। साथ ही सभी उप जिलाधिकारियों को खनन, आबकारी, परिवहन विभागों के साथ मासिक प्रवर्तन बैठक आयोजित करने को कहा।

परिवहन विभाग की समीक्षा में जिलाधिकारी ने आरटीओ को मासिक कार्ययोजना प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने वाहन पंजीकरण के समय वाहन मालिकों से पार्किंग स्थल की जानकारी लेने का प्रस्ताव तैयार करने को कहा। जिलाधिकारी ने परिवहन विभाग को राजस्व, पुलिस और खनन विभाग के साथ संयुक्त चेकिंग अभियान चलाने, ब्लैक स्पॉट चिन्हित करने और ओवरलोड वाहनों पर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने आपदा प्रबंधन से जुड़े मामलों में गंभीरता बरतने को कहा। उन्होंने उप जिलाधिकारियों को व्यक्तिगत हानि के मामलों में राजस्व उपनिरीक्षकों से जमीनी स्तर पर समन्वय करने और अनिवार्य क्षतियों का प्राथमिकता के आधार पर आंकलन तैयार करने के निर्देश दिए।

उन्होंने बिजली, पानी, सड़क से जुड़े मुद्दों पर गंभीर संज्ञान लेने और लोक निर्माण विभाग द्वारा किए गए पैचवर्क की जांच करने के निर्देश भी दिए। आपदा प्रबंधन अधिकारी को आपदा उपकरणों की शीघ्र खरीद सुनिश्चित करने को कहा गया।

अंत में जिलाधिकारी ने ई-ऑफिस की कार्यप्रणाली सुधारने के निर्देश देते हुए कहा कि सभी तहसीलें पत्राचार ई-ऑफिस के माध्यम से ही करें।

बैठक में अपर जिलाधिकारी अनिल गर्ब्याल, संयुक्त मजिस्ट्रेट दीक्षिता जोशी, एएसपी अनूप काला, उप जिलाधिकारी नूपुर वर्मा, शालिनी मौर्य, रेखा आर्य, श्रेष्ठ गुनसोला, जिला पूर्ति अधिकारी अरुण वर्मा, आबकारी अधिकारी तपन पांडे, खनन अधिकारी राहुल नेगी, आरटीओ द्वारिका प्रसाद सहित सभी तहसीलदार, नायब तहसीलदार एवं संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *