सिंगटाली मोटर पुल: वर्षों का जनसंघर्ष, अब मिली स्वीकृति
पौड़ी/गढ़वाल। गढ़वाल और कुमाऊं को जोड़ने वाला बहुप्रतीक्षित सिंगटाली मोटर पुल वर्षों से केवल कागजों में ही सीमित रहा। जनता बार-बार सड़कों पर आंदोलन करती रही, कई बार DPR भी तैयार हुई लेकिन निर्माण कार्य धरातल पर नहीं उतर पाया।

साल 2022 के लोकसभा चुनावों के दौरान भाजपा प्रत्याशी अनिल बलूनी का बयान भी खूब चर्चा में रहा था। उन्होंने कहा था कि लोकसभा चुनाव आचार संहिता समाप्त होने के अगले ही दिन इस पुल पर काम शुरू हो जाएगा। लेकिन उस समय भी जनता को निराशा ही हाथ लगी।
अब, 19 अगस्त 2025 को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस पुल के लिए 57 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति प्रदान कर दी है। यह घोषणा स्थानीय जनता के लिए राहत और उम्मीद की किरण लेकर आई है।
हालांकि, अब बड़ा सवाल यह है कि—
शिलान्यास से लेकर पुल के पूर्ण निर्माण तक कितना समय लगेगा?
आम आदमी कब तक इस पुल पर आवाजाही कर पाएगा?
निर्माण प्रक्रिया में और कौन-कौन से अवरोध सामने आएंगे?
इतना तय है कि जब भी यह पुल बनेगा, इसका श्रेय लेने की होड़ जनप्रतिनिधियों में जरूर रहेगी। लेकिन इस पुल को लेकर जो जनसंघर्ष हुआ है, उसे भुलाया नहीं जा सकेगा।
