त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों में पारदर्शिता पर उठे सवाल
पौड़ी। उत्तराखंड में हाल ही में संपन्न हुए त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों के बाद विभिन्न स्थानों से ऑडियो और वीडियो सामने आ रहे हैं। इनसे यह सवाल उठने लगे हैं कि जिला पंचायत अध्यक्ष और ब्लॉक प्रमुख के चुनाव ईमानदारी और पारदर्शिता से नहीं हो रहे हैं।

चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने के आरोपों में खरीद-फरोख्त, अपहरण, धमकाने और प्रलोभन देने जैसी बातें सामने आई हैं। नैनीताल में चुनाव के दिन पांच जिला पंचायत सदस्यों के अपहरण की खबरें आईं। बेतालघाट क्षेत्र में गोलियों की गूंज तक सुनाई दी। वहीं मसूरी, गोवा और नेपाल तक होटलों में निर्वाचित सदस्यों को कैद कर रखने, फोन जब्त करने और परिवार से न मिलने देने जैसी घटनाओं की चर्चा हो रही है।
इन घटनाओं ने जनता का विश्वास जनप्रतिनिधियों पर डगमगाना शुरू कर दिया है। अब आमजन के बीच से यह मांग उठ रही है कि क्षेत्र पंचायत सदस्य का पद समाप्त किया जाए और जिला पंचायत अध्यक्ष व ब्लॉक प्रमुख का चुनाव सीधे जनता के द्वारा कराया जाए।
अब देखना यह होगा कि चुनाव आयोग और उत्तराखंड सरकार इस पर क्या रुख अपनाते हैं।
