यमकेश्वर ब्लॉक में बीन नदी पुल निर्माण को लेकर आक्रोश, आंदोलन की चेतावनी
*30 सितम्बर तक निर्माण कार्य शुरू न हुआ तो होगा व्यापक जनांदोलन*
यमकेश्वर। यमकेश्वर ब्लॉक के गंगा भोगपुर, कौड़िया किमसार, डांडा मंडल और तालघाटी क्षेत्र आज भी बेहतर सड़क सुविधा से वंचित हैं। दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के साथ-साथ राजाजी राष्ट्रीय पार्क के चलते स्थानीय निवासियों का जल, जंगल और जमीन पर अधिकार पहले ही सीमित हो चुका है।
ग्रामीणों का कहना है कि बीन नदी पर पुल निर्माण की मांग पिछले कई दशकों से की जा रही है, लेकिन अब तक इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाया गया। बरसात के मौसम में नदी का जलस्तर बढ़ने पर ऋषिकेश से संपर्क पूरी तरह कट जाता है। इससे बीमारों को इलाज नहीं मिल पाता और बच्चों की पढ़ाई से लेकर लोगों के रोजगार तक प्रभावित होते हैं।

वरिष्ठ राज्य आंदोलनकारी डॉ. शक्तिशैल कपरवाण ने चेतावनी देते हुए कहा—
“1989 से लगातार बीन नदी पर पुल बनाने की मांग हो रही है, लेकिन सरकारें केवल आश्वासन देती रही हैं। यदि 30 सितंबर 2025 तक पुल निर्माण का कार्य शुरू नहीं हुआ, तो जनता इस बार आर-पार की लड़ाई लड़ेगी और व्यापक जनांदोलन चलाया जाएगा।”
स्थानीय लोग अब सरकार से ठोस कार्यवाही की अपेक्षा कर रहे हैं और चेतावनी दे चुके हैं कि धैर्य की सीमा पार होने पर संघर्ष का रास्ता अपनाया जाएगा।
