बलिदान दिवस पर अमर वीर क्रांतिकारी खुदीराम बोस को नमन
ऋषिकेश। परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने अमेरिका से क्रांतिकारी वीर बलिदानी खुदीराम बोस जी के बलिदान दिवस पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर परमार्थ निकेतन, श्री जालाराम सेवा मंडल उत्तर गुजरात और रघुवंशी समाज द्वारा निराश्रितों के लिए तीनों समय भंडारा सेवा आयोजित की गई।

स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने कहा कि मात्र 18 वर्ष की आयु में हंसते-हंसते फांसी का फंदा गले लगाने वाले खुदीराम बोस का साहस भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज है। उनकी मुस्कुराती शहादत आने वाली पीढ़ियों के लिए देशभक्ति और त्याग का प्रेरणास्रोत बनी रहेगी।

उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपने कौशल, समय और ऊर्जा को राष्ट्र निर्माण में लगाएँ तथा त्याग, अनुशासन और परिश्रम को जीवन का हिस्सा बनाकर देश की प्रगति में योगदान दें।

आज प्रातःकाल का यज्ञ और परमार्थ गंगा आरती भी इस महान बलिदानी को समर्पित रही। मानसून के मौसम में स्वर्गाश्रम और आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले साधु-संत, निराश्रितों एवं जरूरतमंदों के लिए भोजन और आवास का प्रबंध करना कठिन होता है, ऐसे समय में भंडारा सेवा को सेवा का परम सौभाग्य माना गया।
