चमोली का डिम्मर गांव घोषित हुआ संस्कृत ग्राम
मुख्यमंत्री 10 अगस्त को वर्चुअल माध्यम से होंगे कार्यक्रम में शामिल
चमोली जनपद के कर्णप्रयाग विकासखंड स्थित डिम्मर गांव को संस्कृत ग्राम घोषित किया गया है। प्रदेश की द्वितीय राजभाषा संस्कृत के प्रचार-प्रसार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा सभी जनपदों में एक-एक संस्कृत ग्राम घोषित किए जा रहे हैं।
10 अगस्त, 2025 को मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी देहरादून स्थित भोगपुर संस्कृत ग्राम से इस राज्यव्यापी कार्यक्रम का शुभारंभ वर्चुअल माध्यम से करेंगे। चमोली सहित अन्य जनपद इस कार्यक्रम से ऑनलाइन माध्यम से जुड़ेंगे।

चमोली जिले में कार्यक्रम हेतु नामित सहायक निदेशक, संस्कृत शिक्षा डॉ. चंडीप्रसाद घिल्डियाल ने जानकारी देते हुए बताया कि डिम्मर गांव में बीते कुछ माह से संस्कृत प्रशिक्षकों द्वारा ग्रामीणों को सरल संस्कृत भाषा का अभ्यास कराया जा रहा है। शीघ्र ही गांव में एक संस्कृत प्राथमिक विद्यालय की स्थापना भी की जाएगी, जिससे न केवल भाषा के प्रचार-प्रसार को बल मिलेगा, बल्कि स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर भी प्राप्त होंगे।
कार्यक्रम के समन्वय हेतु बद्री कीर्ति संस्कृत महाविद्यालय, सिमली के प्राचार्य डॉ. मातरम पुरोहित को नोडल अधिकारी नामित किया गया है। इस संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश मुख्य शिक्षा अधिकारी, चमोली को भेज दिए गए हैं ताकि माध्यमिक एवं प्राथमिक शिक्षा विभाग से संबंधित शिक्षकगण भी कार्यक्रम में सम्मिलित हो सकें।
10 अगस्त को प्रातः 10:30 बजे आयोजित इस कार्यक्रम में बीकेटीसी के उपाध्यक्ष श्री ऋषिप्रसाद सती मुख्य अतिथि होंगे, जबकि श्री रमेश गड़िया एवं श्री मोहनप्रसाद डिमरी विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रतिभाग करेंगे।
कार्यक्रम में ग्राम प्रधान श्रीमती विनीता डिमरी, जनप्रतिनिधिगण एवं ग्रामवासी भी सक्रिय रूप से शामिल होंगे।
