वरिष्ठ उक्रांद नेता डॉ. शक्तिशैल कपरवाण ने जताई उपेक्षा, ‘उत्तराखंड नवनिर्माण सेना’ के जरिए करेंगे सामाजिक संघर्ष
उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) के वरिष्ठ नेता डॉ. शक्तिशैल कपरवाण ने पार्टी नेतृत्व पर गंभीर उपेक्षा और अपमान के आरोप लगाए हैं। उन्होंने यूकेडी के अध्यक्ष श्री पूरण सिंह कठैत को संबोधित एक पत्र में अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए लिखा है कि पिछले लगभग एक वर्ष से दल के कई वरिष्ठ एवं कनिष्ठ कार्यकर्ताओं की अनदेखी, अपमान और पदों से वंचित करने जैसी घटनाएं लगातार हो रही हैं।

डॉ. कपरवाण के अनुसार, कार्य समिति, केंद्रीय समिति तथा अन्य महत्त्वपूर्ण बैठकों में सक्रिय कार्यकर्ताओं को आमंत्रित नहीं किया गया, जिससे न केवल उनका मनोबल टूटा, बल्कि दल भी अंदरूनी रूप से कमजोर हुआ है। उन्होंने कहा कि वे और उनके साथी आज भी शारीरिक और मानसिक रूप से सक्रिय हैं और उत्तराखंड व पहाड़वासियों की सेवा के लिए पूर्णतः समर्पित हैं।
डॉ. कपरवाण ने अपने पत्र में उत्तराखंड राज्य आंदोलन में अपनी ऐतिहासिक भूमिका का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि वे 1973-74 से आंदोलन की अग्रिम पंक्ति में रहे, और 1986-87 से श्री काशी सिंह ऐरी की अध्यक्षता में एक महासचिव के रूप में राज्य आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई।
‘उत्तराखंड नवनिर्माण सेना’ को फिर से करेंगे सक्रिय
डॉ. कपरवाण ने घोषणा की कि अब वे और उनके साथी गैर-राजनीतिक मंच “उत्तराखंड नवनिर्माण सेना” के माध्यम से सामाजिक सेवा एवं जनसरोकारों के मुद्दों पर संघर्ष करेंगे। यह संस्था वर्ष 2018 में स्थापित हुई थी और उत्तराखंड के हित में कार्य कर रही थी, परंतु कुछ कारणों से इसकी गतिविधियाँ स्थगित थीं।
संस्था का उद्देश्य न केवल सामाजिक कार्य करना है बल्कि उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारियों के विचारों और यूकेडी के मूल दृष्टिकोण को जन-जन तक पहुँचाना भी है।
डॉ. कपरवाण ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि दल उनकी सेवाओं को योग्यतानुसार आमंत्रित करता है, तो वे सहर्ष कार्य के लिए उपलब्ध रहेंगे।
