नागदेव गढ़ी में श्रीरामकथा एवं भक्तमाल कथा का शुभारंभ आज से
द्वारीखाल। चैलुसैण से लगभग दो किलोमीटर की पैदल दूरी पर, बांज और बुरांश के घने पेड़ों के बीच स्थित सुरम्य नागदेव गढ़ी मंदिर में आज से संगीतमय श्रीरामकथा एवं भक्तमाल कथा का भव्य आयोजन हो रहा है। इस क्षेत्र में पहली बार श्रद्धालु भक्तमाल कथा का श्रवण कर सकेंगे, जिससे स्थानीय जनमानस में विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है। प्राकृतिक सुंदरता और आध्यात्मिक वातावरण से परिपूर्ण यह स्थल ब्रह्मलीन गंगा गिरी जी महाराज की तपस्थली के रूप में विख्यात है।

यह दिव्य कथा 17 जुलाई से 25 जुलाई 2025 तक प्रतिदिन श्रद्धा एवं भक्ति भाव के साथ आयोजित की जाएगी।
कथा का वाचन प्रख्यात कथा वाचक पंडित देवेंद्र बलूनी जी द्वारा किया जा रहा है, जो अपनी मधुर वाणी और गूढ़ आध्यात्मिक ज्ञान के लिए पहचाने जाते हैं।
नागदेव गढ़ी वह तपोभूमि है जहाँ ब्रह्मलीन गंगा गिरी जी महाराज ने वर्षों तक साधना की। आज भी स्थानीय जनता उनके तपोबल और चमत्कारी प्रभावों के अनेक प्रमाण देती है। श्रद्धालुओं का मानना है कि यह स्थल आत्मिक शांति और दिव्यता का केंद्र है।
कथा स्थल को भव्य रूप से सजाया गया है। आयोजन समिति द्वारा आने वाले श्रद्धालुओं के लिए समुचित व्यवस्था की गई है। दूर-दराज़ से लोग इस आध्यात्मिक आयोजन में भाग लेने पहुँच रहे हैं।
यह आयोजन ना केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि क्षेत्र की सांस्कृतिक और सामाजिक एकता का प्रतीक भी बन गया है।
