बाल संप्रेक्षण गृह का निरीक्षण, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव ने दिए आवश्यक निर्देश
मासिक बैठक में लंबित मामलों की समीक्षा, परिसर में किया वृक्षारोपण
पौड़ी। राजकीय बाल संप्रेक्षण गृह (किशोर) गडोली में शुक्रवार को किशोर न्याय बोर्ड की मासिक बैठक आयोजित की गई। बैठक में सिविल जज (सीनियर डिवीजन) एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव नाज़िश कलीम ने किशोर न्याय से जुड़े मामलों की समीक्षा करते हुए लंबित प्रकरणों के त्वरित एवं प्रभावी निस्तारण के निर्देश दिए। उन्होंने किशोरों के अधिकारों की सुरक्षा, पुनर्वास और सामाजिक पुनर्स्थापन को प्राथमिकता देने पर जोर दिया।

बैठक के उपरांत सचिव ने राजकीय बाल संप्रेक्षण गृह की व्यवस्थाओं तथा वहां संचालित लीगल एड क्लिनिक का निरीक्षण किया। उन्होंने पात्र किशोरों को समय-समय पर निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराने और उन्हें उनके कानूनी अधिकारों के प्रति निरंतर जागरूक करने के निर्देश दिए।
इस दौरान पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से परिसर में वृक्षारोपण कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने विभिन्न प्रजातियों के पौधे रोपकर उनके संरक्षण और नियमित देखभाल का संकल्प लिया तथा पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
बैठक एवं निरीक्षण के दौरान प्रधान मजिस्ट्रेट किशोर न्याय बोर्ड रिजवान अंसारी, जिला परिवीक्षा अधिकारी अरविन्द कुमार, अधीक्षिका मीना नेगी, अधिकार मित्र अवतार सिंह सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
