लंदन में टेम्स नदी के तट पर गूंजी गंगा आरती, स्वामी चिदानंद सरस्वती ने दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
लंदन। लंदन स्थित टेम्स नदी के तट पर परमार्थ पीठाधीश्वर पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी, पूज्य स्वामी स्वरूपानन्द जी एवं पूज्य साध्वी भगवती सरस्वती जी के पावन सान्निध्य में भव्य गंगा आरती का आयोजन किया गया। टेम्स के तट पर माँ गंगा की आरती भारत और ब्रिटेन की संस्कृतियों के अद्भुत मिलन का प्रतीक बनी। इस अवसर पर यूके के प्रवासी भारतीय समुदाय ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।

गणेश चतुर्थी पर ईको-फ्रेंडली प्रतिमा का आह्वान
गणेश चतुर्थी और हिन्दी दिवस के अवसर पर लंदन से संदेश देते हुए स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने श्रद्धालुओं से ईको-फ्रेंडली गणेश उत्सव मनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा:
मिट्टी की प्रतिमा और पौधरोपण: इस बार ऐसी मिट्टी की प्रतिमाएं स्थापित करें, जिनमें पौधे के बीज रोपित हों। विसर्जन के बाद यह मिट्टी प्रकृति में मिलकर एक नए वृक्ष का रूप ले सके।
आध्यात्मिक रूपांतरण: श्री गणेश का विशाल मस्तक व्यापक दृष्टि, बड़े कान सुनने का धैर्य, छोटी आंखें एकाग्रता और विशाल उदर जीवन के सुख-दुख को पचाने की क्षमता का प्रतीक है।
“श्री गणेश जी की प्रतिमा को घर में स्थापित करना परंपरा है, लेकिन उनके गुणों को अपने भीतर प्रकट करना सनातन का वास्तविक रहस्य है। गणेश चतुर्थी केवल उत्सव न रहकर पर्यावरण संरक्षण और आत्म-जागरण का पर्व बनना चाहिए।”
— स्वामी चिदानन्द सरस्वती
वसुधैव कुटुम्बकम् की भावना
कार्यक्रम के अंत में स्वामी जी ने कहा कि टेम्स के तट पर प्रज्वलित यह दीप भारत की उस शाश्वत भावना का प्रतीक है जो ‘सर्वे भवन्तु सुखिनः’ के भाव को वैश्विक स्तर पर फैलाती है। उन्होंने यूके के संपूर्ण हिंदू समुदाय को इस ऐतिहासिक और गौरवमयी आयोजन के लिए बधाई दी।
