जनता मिलन में जिलाधिकारी ने शिकायतों के समयबद्ध निस्तारण के दिए निर्देश
पौड़ी। जनता की समस्याओं के त्वरित एवं प्रभावी निस्तारण को लेकर जनपद मुख्यालय स्थित कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जनता मिलन कार्यक्रम में जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया ने 28 शिकायतें सुनीं और संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक शिकायत का स्थलीय परीक्षण करते हुए नियमानुसार समाधान सुनिश्चित किया जाए तथा शिकायतकर्ता को की गई कार्रवाई से अवगत कराया जाए।

जनता दर्शन में ग्राम कांडई निवासी विनोद कुमार ने सहकारी समिति रैदुल से ऋण स्वीकृत न होने की शिकायत रखी। जिलाधिकारी ने बताया कि संबंधित सोसाइटी की ऋण सीमा स्वीकृत हो चुकी है और आगामी दो दिनों में ऋण स्वीकृत कर दिया जाएगा। अपर चोपड़ा निवासी गिरीश चंद्र ने नगर पालिका द्वारा निर्मित नाली से अनुचित जल निकासी के कारण मकान को हो रही क्षति का मामला रखा। जिलाधिकारी ने नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी को संयुक्त निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यदि आगणन तैयार होने के बावजूद कार्य नहीं किया जा रहा है तो संयुक्त मजिस्ट्रेट के माध्यम से मौके निरीक्षण कर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
धौलीधार क्षेत्र में गुलदार एवं भालू के हमले से बचाव के लिए सुरक्षा व्यवस्था की मांग पर जिलाधिकारी ने सोलर लाइट लगाने के निर्देश दिए। साथ ही वन विभाग को क्षेत्र में नियमित गश्त एवं जनजागरूकता अभियान चलाने तथा आवश्यक सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने को कहा। जिलाधिकारी ने बताया कि जिला योजना में क्षेत्र के लिए तीन सोलर लाइटों को जल्द स्थापित किया जाएगा। ग्राम पल्ली मल्ली में आपदा से क्षतिग्रस्त पेयजल लाइन की शिकायत पर जिलाधिकारी ने शीघ्र मरम्मत कराने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिशासी अभियंता को जल संस्थान के कंट्रोल रूम में प्राप्त शिकायतों की निस्तारण रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा और स्पष्ट किया कि संबंधित विभाग अपने स्तर पर ही शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करें।
बमणगांव-केवर्स मोटर मार्ग क्षेत्र में मकान के समीप मलबा आने के संबंध में जिलाधिकारी ने संयुक्त मजिस्ट्रेट को मौके का निरीक्षण कर नियमानुसार आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के लिए कहा। वहीं विकासखंड कोट की ग्राम सभा घीड़ी में जिला पंचायत पौड़ी द्वारा निर्मित लिंक रोड की स्थिति को देखते हुए अपर मुख्य अधिकारी, जिला पंचायत को स्थलीय निरीक्षण कर आवश्यक मरम्मत कार्य शीघ्र कराने के निर्देश दिए गए।
इसके अलावा ग्राम डुंगरी में सिंचाई जल उपलब्ध कराने, परसुंडाखाल में ठेकेदार द्वारा विद्युत कार्य से संबंधित मानदेय का भुगतान न किए जाने, पुण्डरासु में सड़क के डामरीकरण एवं चौड़ीकरण तथा चैड़ तल्ला में सुरक्षा दीवार के लिए गूल निर्माण सहित अन्य शिकायतें भी प्राप्त हुईं। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को प्रत्येक मामले का परीक्षण कर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
जनता मिलन कार्यक्रम में पूर्व में प्राप्त शिकायतों के निस्तारण की भी जानकारी दी गई। ग्राम ओडागाड़, विकासखंड पाबौ निवासी गिरीश चंद्र एवं लाजवन्ती देवी ने आपदा से मकान की दीवार क्षतिग्रस्त होने की शिकायत की थी। जांच में दोनों शिकायतकर्ताओं का एक ही आवासीय भवन आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त पाया गया। नियमानुसार प्रपत्र पी-20 भरते हुए भवन एवं उसमें रखी सामग्री की क्षति के लिए 11,500 रुपये की राहत सहायता स्वीकृत कर वितरित की गयी।
तहसील पौड़ी के ग्राम कल्डुंग निवासी देवपाल सिंह ने भारी वर्षा से भैरवनाथ मंदिर जाने वाले मार्ग के क्षतिग्रस्त होने की शिकायत की थी। निरीक्षण के बाद मार्ग पर सुरक्षा दीवार, सीसी कार्य एवं रैलिंग निर्माण की आवश्यकता चिन्हित करते हुए करीब 2.50 लाख रुपये का आगणन तैयार किया गया है। ग्राम पंचायत कोट की प्रधान प्रियंका ने सारा योजना के अंतर्गत जल संवर्धन कार्य में ठेकेदार द्वारा लंबे समय से भुगतान न किए जाने की शिकायत की थी। मूल्यांकन के आधार पर 50 हजार रुपये के भुगतान पर सहमति बनी है तथा शेष कार्य ग्राम प्रधान एवं ठेकेदार के समन्वय से पूरा किया जाएगा।
ग्राम उज्याड़ी निवासी हरेन्द्र सिंह ने भारी वर्षा के दौरान लोक निर्माण विभाग की सुरक्षा दीवार गिरने से आवासीय भवन को खतरा होने की शिकायत की थी। स्थल निरीक्षण के बाद भवन की सुरक्षा के लिए आपदा मद के अंतर्गत आगणन तैयार करने की कार्रवाई शुरू कर दी गयी है। वहीं ग्राम भिंताई मल्ली निवासी गिरीश चंद्र की दाणोधार-खण्डाह मोटर मार्ग पर पुश्ता ढहने से मकान को उत्पन्न खतरे की शिकायत पर भवन सुरक्षा के लिए एसडीएमएफ मद के अंतर्गत 2 लाख रुपये का आगणन तैयार किया गया है।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी अशोक जोशी, अपर जिलाधिकारी एफआर चौहान, संयुक्त मजिस्ट्रेट गौरी प्रभात, सीओ पुलिस तपेश कुमार, पीडी डीआरडीए विवेक कुमार उपाध्याय, जिला विकास अधिकारी रमेश चंद्र, अधीक्षण अभियंता पेयजल मो. मिशम, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. मेघना असवाल, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. विशाल शर्मा, डीपीआरओ जितेंद्र कुमार, अधिशासी अभियंता लोनिवि विवेक सेमवाल, निर्माण खंड की अधिशासी अभियंता रीना नेगी, अर्थ एवं संख्याधिकारी राम सलोने, सैनिक कल्याण अधिकारी करन सिंह रावत, जिला पूर्ति अधिकारी अरुण कुमार वर्मा, जिला समाज कल्याण अधिकारी रोहित सिंह, जिला उद्यान अधिकारी मनोरंजन भंडारी, एसडीओ वन आयशा बिष्ट, परियोजना अधिकारी उरेडा चंद्र प्रकाश उपाध्याय सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
