पौड़ी के 34 आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में बनेंगे औषधीय उद्यान
हरेला महाभियान के तहत तुलसी, अश्वगंधा, गिलोय, ब्राह्मी समेत औषधीय-सुगंधित पौधों का रोपण
पौड़ी। हरेला महाभियान के तहत जनपद पौड़ी गढ़वाल में पर्यावरण संरक्षण के साथ जनस्वास्थ्य को बढ़ावा देने की दिशा में नई पहल शुरू की गई है। जिला आयुर्वेद एवं यूनानी विभाग की ओर से जिले के 34 आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में औषधीय उद्यान विकसित किए जा रहे हैं। जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया के निर्देशन में संचालित इस अभियान का उद्देश्य औषधीय पौधों का संरक्षण, आयुर्वेद के प्रति जनजागरूकता और स्वस्थ जीवनशैली को प्रोत्साहित करना है।

औषधीय उद्यानों के विकास के लिए जिला आयुर्वेद एवं यूनानी चिकित्सालय की ओर से ₹1.70 लाख की धनराशि उपलब्ध कराई गई है। इसके माध्यम से आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के परिसरों के साथ ही गांवों के सार्वजनिक स्थलों पर भी औषधीय एवं सुगंधित पौधों का रोपण किया जा रहा है।
उद्यानों में तुलसी, अश्वगंधा, गिलोय, लेमनग्रास, एलोवेरा, ब्राह्मी और पुदीना समेत विभिन्न औषधीय प्रजातियां लगाई जा रही हैं। विभाग का मानना है कि इन पौधों के माध्यम से लोगों को औषधीय पौधों की पहचान, उनके गुणों और आयुर्वेद में उनके महत्व की जानकारी व्यावहारिक रूप से मिल सकेगी।
जिला आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डॉ. शैलेन्द्र पाण्डेय ने बताया कि प्रत्येक आयुष्मान आरोग्य मंदिर को स्वास्थ्य जागरूकता के जीवंत केंद्र के रूप में विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है। औषधीय उद्यानों के माध्यम से आमजन को प्राकृतिक चिकित्सा, आयुर्वेदिक औषधियों और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूक किया जाएगा।
अधिकारियों के अनुसार, यह पहल पर्यावरण संरक्षण और जनस्वास्थ्य के समन्वित मॉडल के रूप में महत्वपूर्ण है। हरेला महाभियान के तहत विकसित किए जा रहे ये उद्यान आने वाले समय में हरित परिवेश, जैव विविधता संरक्षण और स्वास्थ्य जागरूकता को बढ़ावा देने में सहायक होंगे।
