पौड़ी

वनाग्नि पर वन विभाग सख्त, आग लगाने वालों पर होगी एफआईआर

पौड़ी। जनपद पौड़ी गढ़वाल में लगातार बढ़ रही वनाग्नि की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए वन विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। विभाग द्वारा हाल के वनाग्नि मामलों में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। साथ ही भविष्य में वन क्षेत्रों, नापखेतों अथवा आसपास के क्षेत्रों में आग लगाने या लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

डीएफओ गढ़वाल महातिम यादव ने कहा कि जनपद में बढ़ रही वनाग्नि की घटनाएं बेहद चिंताजनक हैं। कई मामलों में जंगलों से उठी आग नापखेतों और आबादी वाले क्षेत्रों तक पहुंच रही है, जिससे बड़े नुकसान की आशंका बनी हुई है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि वन संपदा को नुकसान पहुंचाने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

डीएफओ सिविल सोयम पवन नेगी ने बताया कि पूर्व में बुवाखाल तथा कालेश्वर बीट में हुई वनाग्नि की घटनाओं में दो मामलों में प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की जा चुकी है। प्रारंभिक जांच में इन घटनाओं में लापरवाही अथवा शरारत की आशंका सामने आई थी। उन्होंने कहा कि वन क्षेत्रों में आग लगने से वन संपदा, जैव विविधता, नापखेतों तथा आसपास के रिहायशी क्षेत्रों को गंभीर खतरा उत्पन्न हो जाता है।

उन्होंने बताया कि जनपद पौड़ी गढ़वाल को वनाग्नि की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील क्षेत्र घोषित किया गया है तथा आपदा प्रबंधन शमन एवं रोकथाम अधिनियम-2025 के तहत वनाग्नि को आपदा की श्रेणी में रखा गया है। वर्तमान में वर्षा न होने और बढ़ते तापमान के कारण वन क्षेत्रों में आग लगने की घटनाओं की संभावना लगातार बढ़ रही है।

वन विभाग एवं प्रशासन द्वारा वनाग्नि नियंत्रण और रोकथाम के लिए निगरानी एवं सतर्कता बढ़ा दी गई है। डीएफओ ने आमजन से अपील करते हुए कहा कि वन क्षेत्रों में आग से संबंधित किसी भी गतिविधि अथवा घटना की सूचना तत्काल वन विभाग या प्रशासन को दें, ताकि समय रहते आग पर नियंत्रण पाया जा सके।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *