पराविधिक स्वयंसेवकों की मासिक बैठक एवं सामुदायिक मध्यस्थता प्रशिक्षण आयोजित
पौड़ी। राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल तथा जिला जज/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, पौड़ी गढ़वाल के निर्देशानुसार सिविल जज (सीनियर डिवीजन)/जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव नाजिश कलीम के निर्देशन में पराविधिक स्वयंसेवकों की मासिक बैठक के साथ एक दिवसीय सामुदायिक मध्यस्थता प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पराविधिक स्वयंसेवकों की दक्षता को सुदृढ़ करना तथा उन्हें सामुदायिक स्तर पर उत्पन्न होने वाले विवादों के शांतिपूर्ण, त्वरित एवं वैकल्पिक समाधान के लिए सक्षम बनाना रहा, जिससे विधिक सेवाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक प्रभावी रूप से पहुँचाया जा सके।
इस अवसर पर सचिव ने स्वयंसेवकों को उनके दायित्वों एवं जिम्मेदारियों से अवगत कराते हुए निर्देशित किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में विधिक जागरूकता गतिविधियों को सक्रिय रूप से संचालित करें तथा आमजन को निःशुल्क विधिक सहायता, लोक अदालत, मध्यस्थता एवं सुलह की प्रक्रिया के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान करें।
प्रशिक्षण सत्र में सामुदायिक मध्यस्थता की उपयोगिता पर विशेष प्रकाश डालते हुए बताया गया कि पारिवारिक, सामाजिक एवं पड़ोसी स्तर के छोटे-छोटे विवादों को प्रारंभिक स्तर पर संवाद, समझदारी और आपसी सहमति से सुलझाकर न केवल न्यायालयों पर भार कम किया जा सकता है, बल्कि समाज में आपसी विश्वास और सौहार्द भी बनाए रखा जा सकता है।
प्रशिक्षण के दौरान मध्यस्थता की प्रक्रिया, प्रभावी संवाद कौशल, निष्पक्षता, गोपनीयता, विश्वास निर्माण तथा व्यवहारिक दृष्टिकोण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से जानकारी दी गई। उदाहरणों के माध्यम से विवाद समाधान की प्रक्रिया को समझाते हुए स्वयंसेवकों को व्यवहारिक प्रशिक्षण भी प्रदान किया गया।
सचिव ने अपेक्षा व्यक्त की कि स्वयंसेवक प्रशिक्षण से प्राप्त ज्ञान का उपयोग करते हुए अपने-अपने क्षेत्रों में जरूरतमंद एवं पात्र व्यक्तियों को विधिक सहायता उपलब्ध कराने में सक्रिय भूमिका निभाएँ और विधिक सेवा प्राधिकरण की योजनाओं को जन-जन तक पहुँचाएँ।
इस अवसर पर मध्यस्थ जयदर्शन बिष्ट, आमोद नैथानी, राजकुमार बत्रा सहित सभी पराविधिक स्वयंसेवक उपस्थित रहे।
सूचना एवं लोक संपर्क विभाग, पौड़ी गढ़वाल
