पीएलवी की मासिक समीक्षा बैठक में स्थायी लोक अदालत की कार्यप्रणाली पर प्रशिक्षण
पौड़ी। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव एवं सिविल जज (सीनियर डिवीजन) नाज़िश कलीम की अध्यक्षता में सोमवार को जनपद के सभी पैरा लीगल वालंटियर्स (पीएलवी)/अधिकार मित्रों की मासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस दौरान स्थायी लोक अदालत की भूमिका, क्षेत्राधिकार, कार्यप्रणाली और उपयोगिता को लेकर एक दिवसीय प्रशिक्षण भी दिया गया।

बैठक में पिछले माह पीएलवी द्वारा संचालित विधिक जागरूकता एवं सहायता गतिविधियों की समीक्षा की गई तथा आगामी माह की कार्ययोजना तय की गई। सचिव नाज़िश कलीम ने पीएलवी को अपने-अपने क्षेत्रों में अधिकाधिक विधिक जागरूकता एवं साक्षरता शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने आमजन को निःशुल्क विधिक सहायता, राष्ट्रीय एवं विशेष लोक अदालत, मध्यस्थता, स्थायी लोक अदालत, महिला एवं बाल अधिकार, वरिष्ठ नागरिकों के अधिकार, नशा मुक्ति, साइबर अपराध से बचाव और विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि पात्र लोगों को समयबद्ध तरीके से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से जोड़कर निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराई जाए। साथ ही पीएलवी को अपनी गतिविधियों की रिपोर्ट निर्धारित प्रारूप में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।
जनोपयोगी सेवाओं से जुड़े विवादों का होगा सरल निस्तारण
प्रशिक्षण के दौरान सचिव ने बताया कि स्थायी लोक अदालत जनोपयोगी सेवाओं से संबंधित विवादों के त्वरित, सरल, कम खर्चीले और सौहार्दपूर्ण निस्तारण का प्रभावी मंच है। इसका उद्देश्य न्यायालय में वाद दायर होने से पहले ही पक्षकारों के बीच आपसी सहमति के आधार पर विवादों का समाधान कर आमजन को सुलभ न्याय उपलब्ध कराना है।
उन्होंने पीएलवी से स्थायी लोक अदालत को लेकर अपने क्षेत्रों में व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने तथा जनोपयोगी सेवाओं से संबंधित पात्र मामलों की पहचान कर उन्हें जिला विधिक सेवा प्राधिकरण एवं स्थायी लोक अदालत के समक्ष संदर्भित कराने को कहा। उन्होंने समाज के अंतिम व्यक्ति तक विधिक सेवाओं और योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया।
इस अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के रिटेनर अधिवक्ता गजेन्द्र सिंह रावत, स्थायी लोक अदालत के सदस्य मयंक शर्मा, वन स्टॉप सेंटर की अमृता रावत सहित प्राधिकरण के अधिकारी-कर्मचारी और जनपद के सभी पीएलवी/अधिकार मित्र मौजूद रहे।
