क्रेजी पर्यटन एवं विकास मेला 2026 के दूसरे दिन लोकसंगीत की धूम, देर रात तक झूमते रहे दर्शक
ऋषिकेश। क्रेजी पर्यटन एवं विकास मेला 2026 के दूसरे दिन ओपन एवं विद्यालयों की एकल व समूह गायन प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिसमें छात्र-छात्राओं ने बड़ी संख्या में उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। प्रतियोगिताओं के बाद लोकगायकों की शानदार प्रस्तुतियों ने मेले में सांस्कृतिक रंग भर दिया और देर रात तक दर्शक गढ़वाली गीतों पर झूमते रहे।

कार्यक्रम के दूसरे दिन का शुभारंभ पालिकाध्यक्ष नीलम बिजल्वाण, सेवानिवृत्त राजकीय पेंशनर्स संगठन मुनिकीरेती-ढालवाला के अध्यक्ष शूरवीर सिंह चौहान एवं संगठन के सदस्यों द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। इसके पश्चात विद्यालयी छात्र-छात्राओं एवं ओपन प्रतिभागियों के मध्य एकल व सामूहिक गायन प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं, जिनमें प्रतिभागियों ने अपनी मधुर आवाज़ और शानदार प्रस्तुतियों से सभी का मन मोह लिया।
प्रतियोगिताओं के उपरांत लोकगायक विनोद बिजल्वाण ने “दैणा हो”, “खोली का गणेशा”, “घंटाकर्ण स्तुति” जैसे लोकप्रिय गीतों से माहौल को संगीतमय बना दिया। वहीं लोकगायक विवेक नौटियाल ने “रम्म झम्मा”, “द्यो लगी”, “रूप कू मंत्र” प्रस्तुत किए। लोकगायक रमेश उनियाल, लोकगायिका अनीशा रांगड़ के “छल कपट”, “सपना स्याली” तथा शिवानी नेगी के “माया लगोलू”, “बिरजु सुनार”, “तुम्हारी खुद मां” जैसे गीतों ने दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। देर रात्रि तक बड़ी संख्या में उपस्थित दर्शक गढ़वाली लोकगीतों का आनंद लेते रहे।

इस अवसर पर समाजसेवी हिमांशु बिजल्वाण, सभासद विनोद खंडूड़ी, ब्रिजेश गिरी, लक्ष्मण भंडारी, गजेंद्र सजवाण, स्वाति पोखरियाल, विनोद सकलानी, क्रेजी फेडरेशन के अध्यक्ष मनीष डिमरी, राफ्टिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष धर्मेंद्र नेगी, अशोक क्रेजी सहित सेवानिवृत्त राजकीय पेंशनर्स संगठन के पदाधिकारी एवं अनेक गणमान्य नागरिक, जनप्रतिनिधि, कलाकार एवं दर्शक उपस्थित रहे।
मेले के दूसरे दिन की सांस्कृतिक संध्या ने गढ़वाली लोकसंस्कृति को जीवंत करते हुए पर्यटन एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण का संदेश दिया।

