पौड़ी

शिकायतों पर सख्त जिलाधिकारी, बीरोंखाल सीएचसी का देर शाम औचक निरीक्षण

बीरोंखाल/पौड़ी। बीरोंखाल न्याय पंचायत नौगांव में आयोजित जन–जन की सरकार, जन–जन के द्वार बहुउद्देश्यीय शिविर के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर मिली शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने देर सायं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) बीरोंखाल का औचक निरीक्षण किया। शिविर समाप्त होते ही जिलाधिकारी सीधे अस्पताल पहुंचीं और मौके पर स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का गहन निरीक्षण करते हुए अधिकारियों व चिकित्सकों को स्पष्ट निर्देश दिए कि मरीजों को किसी भी प्रकार की असुविधा बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने महिला व पुरुष जनरल वार्ड, ओपीडी, डिलीवरी वार्ड, औषधि भंडार, ऑक्सीजन सप्लाई, एक्स-रे यूनिट सहित अस्पताल के सभी प्रमुख कक्षों का बारीकी से जायजा लिया। उन्होंने वार्डों की साफ-सफाई, बेड की उपलब्धता तथा मरीजों को दी जा रही सुविधाओं की जानकारी लेते हुए निर्देश दिए कि अस्पताल की व्यवस्थाएं हर समय चुस्त-दुरुस्त रहनी चाहिए। बिजली आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में सभी वार्डों को अनिवार्य रूप से जनरेटर से जोड़ने के निर्देश भी दिए गए, ताकि उपचार कार्य प्रभावित न हो।

जिलाधिकारी ने ओपीडी कक्ष का निरीक्षण कर प्रतिदिन आने वाले मरीजों की संख्या, उपचार व्यवस्था एवं स्टाफ की उपस्थिति की जानकारी ली। औषधि भंडार के निरीक्षण के दौरान दवाइयों का स्टॉक संतोषजनक पाया गया, हालांकि उन्होंने निर्देश दिए कि भविष्य में किसी भी प्रकार की कमी न हो, इसके लिए समय रहते दवाइयों की मांग भेजी जाए।

डिलीवरी वार्ड के निरीक्षण में जिलाधिकारी ने साफ-सफाई पर विशेष जोर देते हुए निर्देश दिए कि जिन गर्भवती महिलाओं की संभावित प्रसव तिथि नजदीक है, उनसे पहले से संपर्क कर समय पर अस्पताल में भर्ती कराया जाए तथा सभी मामलों की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए। उन्होंने बताया कि शुक्रवार से सीएचसी बीरोंखाल में अल्ट्रासाउंड सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, जिसके लिए थलीसैंण से एक स्त्री रोग विशेषज्ञ को प्रतिनियुक्त किया गया है।

निरीक्षण के दौरान एक्स-रे मशीन बंद पाए जाने पर जिलाधिकारी ने चिकित्साधिकारी को शीघ्र मरम्मत हेतु आवश्यक धनराशि का आकलन कर तत्काल रिपोर्ट जिलाधिकारी कार्यालय को भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि मरम्मत के लिए जितनी भी धनराशि की आवश्यकता होगी, उसकी त्वरित व्यवस्था की जाएगी, ताकि मरीजों को जांच के लिए बाहर न जाना पड़े।

जिलाधिकारी ने डायग्नोस्टिक सेवाओं पर विशेष जोर देते हुए निर्देश दिए कि सीएचसी स्तर पर उपलब्ध सभी प्रकार की जांचें यहीं कराई जाएं और सामान्य जांचों के लिए किसी भी मरीज को अन्यत्र रेफर न किया जाए। उन्होंने कहा कि दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों को उनके ही क्षेत्र में बेहतर, सुलभ एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उपजिलाधिकारी को समय-समय पर अस्पताल का निरीक्षण करने के भी निर्देश दिए गए।

इस अवसर पर उपजिलाधिकारी कृष्णा त्रिपाठी, चिकित्साधिकारी डॉ. शैलेन्द्र रावत सहित अन्य चिकित्सक एवं स्वास्थ्य कर्मी उपस्थित रहे।

सूचना एवं लोक संपर्क विभाग, पौड़ी गढ़वाल

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