जन–जन की सरकार कार्यक्रम में सामने आई सच्चाई, न्याय पंचायत पुल्यासू में समूह तो हैं पर कामकाज ठप
द्वारीखाल/ पुल्यासू। जन–जन की सरकार, जन–जन के द्वार कार्यक्रम के तहत पुल्यासू में आयोजित शिविर में ठंठोली न्याय पंचायत का स्टॉल लगाया गया, जहां सीमित मात्रा में पहाड़ी उत्पाद जैसे तोर, गहथ, उड़द, झंगरियाल, मंडुवे का आटा एवं अचार उपलब्ध कराए गए। स्टॉल के माध्यम से स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने का प्रयास किया गया, हालांकि उत्पादों की संख्या सीमित रही।

इस अवसर पर राष्ट्रीय आजीविका ग्रामीण मिशन (NRLM) के ब्लॉक मिशन मैनेजर रामरतन तिवाड़ी ने जानकारी देते हुए बताया कि द्वारीखाल ब्लॉक में कुल 451 स्वयं सहायता समूह और 77 ग्राम संगठन कार्यरत हैं। उन्होंने बताया कि 5 समूह मिलकर एक ग्राम संगठन बनाते हैं, जबकि 7 सीएलएफ (क्लस्टर लेवल फेडरेशन) हैं, जिन्हें सहकारिता के अंतर्गत पंजीकृत किया जाता है।
रामरतन तिवाड़ी ने बताया कि सरकार द्वारा समूहों को वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। प्रत्येक समूह को 25 हजार रुपये का रिवॉल्विंग फंड दिया जाता है, वहीं प्रत्येक समूह के CIF के तहत ग्राम संगठन के माध्यम से 75 हजार रुपये दिए जाते हैं, ताकि समूह इस राशि का उपयोग मिनी बैंक के रूप में कर अपनी आजीविका को सुदृढ़ कर सकें।
हालांकि, न्याय पंचायत पुल्यासू की स्थिति चिंताजनक सामने आई। यहां 5 ग्राम संगठन और 30 समूह होने के बावजूद अभी तक सीएलएफ का गठन नहीं हो पाया है। हैरानी की बात यह रही कि 30 समूह मौजूद होने के बाद भी कोई भी समूह सक्रिय नहीं पाया गया, जिससे योजना के जमीनी क्रियान्वयन पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
कार्यक्रम में मौजूद ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि प्रशासन और मिशन के माध्यम से निष्क्रिय समूहों को सक्रिय कर पहाड़ी उत्पादों और ग्रामीण आजीविका को नई दिशा दी जाएगी।
