नैनीडांडा में पर्यटन और स्वरोजगार को मिलेगी नई दिशा, जिलाधिकारी स्वाति भदौरिया ने मत्स्य पालन व विकास कार्यों का किया निरीक्षण
पौड़ी गढ़वाल/ नैनीडांडा। पौड़ी जनपद के अति दूरस्थ नैनीडांडा विकासखंड में पर्यटन एवं स्वरोजगार की संभावनाओं को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने मत्स्य पालन सहित विभिन्न विकास कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया।

भ्रमण के दौरान जिलाधिकारी ने ग्राम पंचायत ओलेथ के ग्राम ब्यूरा में बायो-फ्लॉक इकाई का निरीक्षण किया। उन्होंने मत्स्य उत्पादों के संग्रहण के लिए कलेक्शन सेंटर स्थापित करने पर विशेष जोर देते हुए क्षेत्र में पर्यटकों के लिए मत्स्य आउटलेट खोलने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि इससे स्थानीय स्तर पर आय के नए स्रोत विकसित होंगे और आवश्यकता पड़ने पर धनराशि आवंटन का भी आश्वासन दिया।
किसान गोपाल सिंह रावत ने जिलाधिकारी को मत्स्य तालाब का अवलोकन कराया। इस दौरान जिलाधिकारी ने ग्रामीणों एवं स्थानीय महिलाओं से संवाद कर जंगली जानवरों की समस्या, जल जीवन मिशन के अंतर्गत पेयजल आपूर्ति, बिजली पोल तथा पाइपलाइन से जुड़ी समस्याओं की जानकारी ली और संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं ने लैंटाना घास से उत्पन्न समस्याओं को जिलाधिकारी के समक्ष रखा। जिलाधिकारी ने इसे गंभीर विषय बताते हुए इसके स्थायी समाधान की दिशा में ठोस पहल करने की बात कही। उन्होंने बताया कि लैंटाना के नियंत्रित संग्रह एवं उपयोग हेतु कलेक्शन सेंटर स्थापित किए जाएंगे, जिससे एक ओर पर्यावरण संरक्षण को बल मिलेगा, वहीं दूसरी ओर महिलाओं को नियमित आय के अवसर प्राप्त होंगे।
खंड विकास अधिकारी प्रमोद चंद्र पांडेय ने जानकारी दी कि मनरेगा एवं मत्स्य विभाग के अभिसरण से संचालित योजनाओं के अंतर्गत इस वित्तीय वर्ष में दो मत्स्य इकाइयों का निर्माण किया गया है, जिनकी कुल लागत लगभग 4.5 लाख रुपये रही। इसमें 2.70 लाख रुपये मत्स्य विभाग, 48 हजार रुपये मनरेगा तथा 1.32 लाख रुपये लाभार्थी अंशदान से व्यय किए गए हैं। इन तालाबों का संचालन हर हर महादेव समूह एवं जय महादेव समूह द्वारा किया जा रहा है।
जिलाधिकारी ने मंडी समिति के सचिव को निर्देशित किया कि शंकरपुर स्थित संग्रहण केंद्र का विकासखंड कार्यालय के साथ समझौता ज्ञापन कर तत्काल सदुपयोग सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयासों से पर्यटन, स्वरोजगार और ग्रामीण अधोसंरचना को बढ़ावा मिलेगा, जिससे स्थानीय आजीविका सुदृढ़ होगी और महिलाओं व युवाओं को रोजगार से जोड़ा जा सकेगा।
इस अवसर पर ब्लॉक प्रमुख प्रकीर्ण नेगी, पीडी डीआरडीए विवेक कुमार उपाध्याय, ग्राम प्रधान ममता रावत सहित अन्य जनप्रतिनिधियों और स्थानीय ग्रामीणों की उपस्थिति में खेल मैदान हेतु भूमि चयन पर भी चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने कहा कि यदि भूमि विवादमुक्त और उपयुक्त पाई जाती है तो वहां खेल मैदान का विकास किया जाएगा।
सूचना एवं लोक संपर्क विभाग, पौड़ी गढ़वाल
