स्वरोजगार योजना से बदली अयान मंसूरी की तकदीर, बने आत्मनिर्भर उद्यमी
पौड़ी गढ़वाल। मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना आम नागरिकों के सपनों को साकार कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। इसी क्रम में विकासखण्ड दुगड्डा के अंतर्गत पदमपुर निवासी 46 वर्षीय अयान मंसूरी ने इस योजना का लाभ लेकर सफलता की एक प्रेरक कहानी लिखी है।
आठवीं कक्षा तक शिक्षित अयान मंसूरी सात सदस्यीय परिवार का भरण-पोषण पहले मजदूरी के माध्यम से करते थे, लेकिन स्वयं का व्यवसाय स्थापित करने की प्रबल इच्छा ने उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में राज्य सरकार द्वारा संचालित मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना की जानकारी मिलने पर उन्होंने रजाई एवं गद्दा निर्माण को अपने व्यवसाय के रूप में चुना।

जिला उद्योग केन्द्र द्वारा अयान मंसूरी को योजना की पूरी प्रक्रिया में मार्गदर्शन प्रदान किया गया तथा आवश्यक दस्तावेजों के संकलन में भी सहयोग किया गया। वर्ष 2024–25 में सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, कोटद्वार के माध्यम से उन्हें ₹10 लाख का ऋण स्वीकृत हुआ, जिसके पश्चात उन्होंने अपना व्यवसाय प्रारंभ किया।
आज अयान मंसूरी का उद्यम न केवल सफलतापूर्वक संचालित हो रहा है, बल्कि इसके माध्यम से तीन अन्य स्थानीय लोगों को भी रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है। वर्तमान में उनके व्यवसाय का मासिक टर्नओवर लगभग ₹3 लाख है तथा वे प्रतिमाह ₹25,000 से ₹30,000 तक का शुद्ध लाभ अर्जित कर रहे हैं।
अयान मंसूरी का कहना है कि मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना ने उन्हें आत्मनिर्भर बनने का अवसर प्रदान किया है और आज वे सम्मानपूर्वक अपने परिवार का जीवनयापन कर पा रहे हैं।
जिला उद्योग केन्द्र की प्रबंधक उपासना सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना का उद्देश्य पात्र लाभार्थियों को स्वरोजगार के लिए वित्तीय एवं तकनीकी सहयोग प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। उन्होंने कहा कि अयान मंसूरी जैसे लाभार्थियों की सफलता इस योजना की प्रभावशीलता को दर्शाती है। योजना के अंतर्गत आवेदन से लेकर ऋण स्वीकृति एवं व्यवसाय प्रारंभ होने तक जिला उद्योग केन्द्र द्वारा निरंतर मार्गदर्शन एवं सहयोग दिया जाता है।
अयान मंसूरी की यह सफलता सरकार की स्वरोजगार एवं आत्मनिर्भरता पर केंद्रित नीतियों की प्रभावशीलता को दर्शाती है और प्रदेश के अन्य युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है।
सूचना एवं लोक संपर्क विभाग, पौड़ी गढ़वाल
