पौड़ी

जिलाधिकारी ने की बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक समीक्षा, एस्कॉर्ट प्रणाली को प्रभावी बनाने के निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के अनुपालन में जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने जिला सभागार में सभी विकासखंडों के शिक्षाधिकारियों के साथ बैठक कर बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने घर से स्कूल तक एस्कॉर्ट व्यवस्था को प्रभावी रूप से लागू करने पर जोर देते हुए विभागों से अद्यतन जानकारी प्राप्त की।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि शिक्षा विभाग इस प्रक्रिया का नोडल विभाग रहेगा और सभी सुरक्षा उपायों की निगरानी कर तथा समन्वय दायित्वपूर्वक करेगा। उन्होंने उन विद्यालयों की सूची तत्काल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, जहाँ एस्कॉर्ट व्यवस्था की सबसे अधिक आवश्यकता है। इसके साथ ही विद्यालय प्रबंधन समितियों, ग्राम प्रहरियों और वन विभाग के बीच सुव्यवस्थित समन्वय स्थापित कर सुरक्षा सुनिश्चित करने को कहा।

बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने बताया कि वन विभाग द्वारा उपलब्ध कराई गई सूची के आधार पर अब तक संवेदनशील क्षेत्रों में 2640 किलोग्राम चारा वितरित किया जा चुका है। उन्होंने वन विभाग को आवश्यक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराने और पंचायती राज विभाग को स्कूल मार्गों तथा आसपास की झाड़ियों की कटान शीघ्र कराने के निर्देश भी दिए।

जिलाधिकारी ने शिक्षकों को बच्चों के साथ एस्कॉर्ट के रूप में चलने के निर्देश देते हुए संबंधित कर्मचारियों की जिम्मेदारियां स्पष्ट रूप से तय करने को कहा। उन्होंने संवेदनशील स्थानों पर सोलर लाइट लगाने के प्रस्ताव तुरंत भेजने और उसकी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही खंड शिक्षाधिकारियों को संवेदनशील विद्यालयों का स्थलीय निरीक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा।

जिलाधिकारी ने सभी उपजिलाधिकारियों को राजस्व विभाग के ग्राम प्रहरियों, राजस्व उपनिरीक्षकों, पंचायत विभाग, बीडीओ तथा अन्य विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर सुरक्षा उपायों को क्रियान्वित करने के निर्देश दिए। उन्होंने शिक्षा विभाग को कम छात्र संख्या वाले क्षेत्रों में अस्थायी रूप से गांव के विद्यालयों को संचालित करने की व्यवस्था भी करने को कहा।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी गिरीश गुणवंत, सीओ तुषार बोरा, एसडीओ वन आयशा बिष्ट, सभी खंड विकास अधिकारी एवं खंड शिक्षा अधिकारी उपस्थित रहे, जबकि उपजिलाधिकारीगण वर्चुअल रूप से बैठक में शामिल हुए।

— सूचना एवं लोक संपर्क विभाग, पौड़ी गढ़वाल

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