पौड़ी

गजल्ड घटना के बाद बड़ी कार्रवाई: विशेषज्ञ टीम ने आदमखोर गुलदार को मार गिराया

पौड़ी। तहसील पौड़ी के ग्राम गजल्ड में स्थानीय निवासी राजेन्द्र नौटियाल पर गुलदार के हमले से हुई दुखद मृत्यु के बाद क्षेत्र की गंभीर स्थिति को देखते हुए, उच्च स्तरीय अनुमति प्राप्त होने के उपरांत वन विभाग द्वारा गुलदार को ट्रैंक्युलाइज कर पकड़ने अथवा अंतिम विकल्प के रूप में नष्ट करने की कार्यवाही तेज की गई। इसी क्रम में 10 दिसंबर 2025 को वन विभाग एवं विशेषज्ञ शिकारियों की संयुक्त टीम ने चिन्हित गुलदार को सफलतापूर्वक नष्ट किया।

घटना के बाद 4 दिसंबर को जिला प्रशासन व वन विभाग ने त्वरित निर्णय लेते हुए आवश्यक औपचारिकताएँ और अनुमति प्रक्रियाएँ तत्काल पूर्ण कीं। जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया ने घटना स्थल का निरीक्षण कर ग्रामीणों से संवाद स्थापित किया और सभी सुरक्षा प्रबंधों को तत्काल प्रभाव से लागू कराया। वन विभाग एवं स्थानीय प्रशासन की संयुक्त टीम को आवश्यक उपकरणों के साथ लगातार सक्रिय रखा गया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा घटना पर त्वरित संज्ञान लेने के बाद जारी निर्देशों के क्रम में प्रमुख सचिव वन आर.के. सुधांशु, आयुक्त गढ़वाल विनय शंकर पांडेय, तथा मुख्य वन संरक्षक धीरज पांडे ने प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण कर अभियान के लिए आवश्यक मार्गदर्शन और सहयोग प्रदान किया, जिससे कार्रवाई और अधिक प्रभावी ढंग से संचालित हो सकी।

टीम ने 06 कैमरा ट्रैप, 02 पिंजरे, प्रेशर इम्प्रेशन पैड, एनाईडर सहित तकनीकी संसाधन स्थापित किए। दो विभागीय शूटरों के साथ स्थानीय अनुभवी शूटर जॉय हुकिल एवं राकेश चंद्र बड़थ्वाल को भी अनुमति प्राप्त होने पर अभियान में शामिल किया गया। 7 से 10 दिसंबर के बीच पगमार्क, कैमरा ट्रैप इमेज और प्रत्यक्ष अवलोकन के आधार पर हिंसक गुलदार की पहचान सुनिश्चित की गई। इस अवधि में गुलदार द्वारा दो मवेशियों को नुकसान पहुँचाने और एक व्यक्ति पर झपट्टा मारने की सूचना भी प्राप्त हुई।

लगातार ट्रैकिंग, गश्त और तकनीकी निगरानी के बाद 10 दिसंबर की शाम 07:05 बजे गजल्ड–कौडला के मध्य वन विभाग की टीम ने चिन्हित गुलदार को नष्ट किया। घटना की वैज्ञानिक पुष्टि हेतु मेडिकल एवं डीएनए परीक्षण की प्रक्रिया जारी है।

जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया ने कहा कि मानव–वन्यजीव संघर्ष की संवेदनशीलता को देखते हुए वन विभाग की टीम क्षेत्र में पूर्ववत तैनात है तथा फॉक्स लाइट, साइरन, कैमरा ट्रैप निगरानी एवं झाड़ी कटान जैसे सभी सुरक्षा प्रबंध जारी हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि जनसुरक्षा के लिए त्वरित और समन्वित कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी।

प्रभागीय वनाधिकारी, पौड़ी वन प्रभाग अभिमन्यु सिंह ने बताया कि 4 दिसंबर को गजल्ड में हुए हमले के बाद हिंसक गुलदार की लगातार गतिविधि पर निगरानी रखी जा रही थी। प्रमाणित चिन्हांकन के उपरांत विशेषज्ञ शूटरों की सहायता से 10 दिसंबर को गुलदार को नष्ट किया गया। डीएनए परीक्षण की प्रक्रिया जारी है और क्षेत्र में सुरक्षा प्रबंध यथावत बनाए हुए हैं।

— सूचना एवं लोक सम्पर्क विभाग, पौड़ी गढ़वाल

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