ऋषिकेश

योगमाता केको अइकावा सहित संत प्रतिनिधिमंडल ने स्वामी चिदानन्द सरस्वती से की भेंट, गंगा आरती में हुआ सहभाग

ऋषिकेश। पायलट बाबा आश्रम से पधारे संत प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती से ससम्मान भेंट की। प्रतिनिधिमंडल में योगमाता केको अइकावा, म. म. श्रद्धा माता जी एवं म. म. चेतना माता जी शामिल थीं। परमार्थ निकेतन पहुंचने पर संतों का पारंपरिक शैली में स्वागत किया गया।

मुलाकात के दौरान राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर आध्यात्मिक जागरण, सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण तथा सनातन परंपराओं की महत्ता जैसे विषयों पर सारगर्भित चर्चा हुई। संतों ने इस बात पर चिंता व्यक्त की कि आधुनिक समय में युवा पीढ़ी तेजी से जीवन मूल्यों से दूर होती जा रही है। ऐसे में सनातन संस्कृति के आदर्शों और आध्यात्मिक शिक्षाओं को युवाओं तक सरल एवं सुलभ रूप में पहुंचाना समय की महत्वपूर्ण आवश्यकता है।

स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति की गहराई, करुणा और समरसता ही विश्व को मानवता का वास्तविक संदेश दे सकती है। उन्होंने कहा कि योग, ध्यान, सेवा और अध्यात्म जैसे मूल्यों को वैश्विक स्तर पर बढ़ावा देकर विश्व में शांति और सद्भाव स्थापित किया जा सकता है।

भेंट के उपरांत संत प्रतिनिधिमंडल ने परमार्थ निकेतन परिसर में आयोजित विश्वप्रसिद्ध गंगा आरती में सहभाग किया। गंगा तट पर दीपों की लौ, वेद मंत्रों की ध्वनि और भक्तिमय वातावरण ने सभी को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। संतों ने इस अनूठे अनुभव को अविस्मरणीय बताया और कहा कि गंगा आरती भारत की आध्यात्मिक पहचान का जीवंत प्रतीक है।

प्रतिनिधिमंडल ने परमार्थ निकेतन के सामाजिक और पर्यावरणीय कार्यों—विशेषकर स्वच्छ गंगा अभियान, वृक्षारोपण और जनजागरूकता कार्यक्रमों—की भी सराहना की।

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