१७वाँ संस्कृत महोत्सव : वरिष्ठ वर्ग की छः मनमोहक प्रस्तुतियों के साथ द्वितीय दिवस सम्पन्न
कोटद्वार। उत्तराखंड संस्कृत अकादमी द्वारा आयोजित १७वें संस्कृत महोत्सव के अन्तर्गत जनपदस्तरीय संस्कृतच्छात्र प्रतियोगिता के वरिष्ठ वर्ग की छः उत्कृष्ट एवं मनमोहक प्रस्तुतियों के साथ आज द्वितीय दिवस का भव्य समापन हुआ। छात्र-छात्राओं की सृजनशीलता और प्रभावशाली अभिव्यक्ति ने प्रेक्षागृह में उल्लासपूर्ण व आनन्दमय वातावरण का सृजन कर दिया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य डॉ. रमाकांत कुकरेती ने संस्कृत भाषा के महत्व, वैशिष्ट्य और इसकी भारतीय संस्कृति में प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला। मुख्य अतिथि योगम्बर सिंह रावत सहित प्रतियोगिता के जनपद संयोजक रोशन गौड़, सह-संयोजक कुलदीप मैंदोला, एवं विशिष्ट अतिथि डॉ. रोशन बलूनी, डॉ. कुलदीप गौड़, पंकज ध्यानी और सम्भव सिंह अधिकारी सहित अन्य गणमान्य संस्कृत शिक्षाविदों ने कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
प्रतियोगिता के दूसरे दिन प्रस्तुत प्रतिभाओं ने न केवल संस्कृत भाषा की समृद्धि को उजागर किया बल्कि दर्शकों को भावनात्मक व बौद्धिक रूप से भी प्रभावित किया। आयोजकों ने आगामी चरणों के लिए उत्साह व्यक्त करते हुए कहा कि यह महोत्सव संस्कृत भाषा एवं संस्कृति के संरक्षण तथा संवर्धन की दिशा में एक सशक्त प्रयास है।
