ऋषिकेश

ऋषिकेश में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का भव्य काउंटडाउन कार्यक्रम, 500 से अधिक साधकों ने किया योगाभ्यास

ऋषिकेश। 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में “गंगोत्री से गंगासागर” अभियान के तहत सात दिवसीय काउंटडाउन कार्यक्रम का भव्य आयोजन परमार्थ निकेतन के पावन गंगा तट पर किया गया। कॉमन योग प्रोटोकॉल आधारित इस विशेष योग सत्र में 500 से अधिक योग साधकों, आध्यात्मिक गुरुओं, अधिकारियों एवं स्थानीय नागरिकों ने भाग लेकर स्वास्थ्य, सामंजस्य और समग्र कल्याण का संदेश दिया।

कार्यक्रम में परमार्थ निकेतन के पीठाधीश्वर स्वामी चिदानन्द सरस्वती तथा अंतरराष्ट्रीय निदेशक साध्वी भगवती सरस्वती सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। यह आयोजन आयुष मंत्रालय, राष्ट्रीय आयुष मिशन उत्तराखण्ड और इंडियन योगा एसोसिएशन के सहयोग से संपन्न हुआ।

स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने अपने संबोधन में कहा कि योग केवल शारीरिक अभ्यास नहीं, बल्कि भारत की आत्मा का जागृत स्वर है, जो मनुष्य को चेतना की ऊँचाइयों तक ले जाता है। उन्होंने सभी से योग को जीवनशैली बनाने और “योगी, उपयोगी, सहयोगी एवं उद्योगी” बनने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि इस वर्ष अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की थीम “स्वस्थ आयु के लिए योग” है, जिसका उद्देश्य केवल लंबी आयु नहीं बल्कि जीवन के प्रत्येक क्षण को ऊर्जा, उत्साह और उद्देश्य के साथ जीना है।

कार्यक्रम के दौरान साध्वी भगवती सरस्वती ने प्रतिभागियों को ध्यान साधना कराई। 45 मिनट के योग सत्र का संचालन मोरारजी देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान की डॉ. इन्दु शर्मा एवं परमार्थ निकेतन की योगाचार्या गंगा नंदिनी ने हिन्दी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में किया। योगासन, प्राणायाम और विभिन्न योगिक क्रियाओं के माध्यम से प्रतिभागियों को शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया गया।

विश्व की योग राजधानी ऋषिकेश के आध्यात्मिक वातावरण और मां गंगा के तट पर आयोजित यह कार्यक्रम प्रतिभागियों के लिए अविस्मरणीय अनुभव साबित हुआ। आयोजकों ने बताया कि “गंगोत्री से गंगासागर” काउंटडाउन अभियान के तहत अगला कार्यक्रम हरिद्वार में आयोजित किया जाएगा।

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