शहीद स्मरण समारोह में मुख्यमंत्री ने की 102.82 करोड़ की योजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास
रिखणीखाल (पौड़ी)। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को राजकीय इंटर कॉलेज रिखणीखाल में आयोजित शहीद स्मरण समारोह में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कुल ₹102.82 करोड़ की लागत से संबंधित 11 विकास योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इनमें ₹56.58 करोड़ की 6 योजनाओं का लोकार्पण तथा ₹46.24 करोड़ की 5 योजनाओं का शिलान्यास शामिल है।

कार्यक्रम के आरंभ में मुख्यमंत्री ने विभागीय स्टॉलों का निरीक्षण किया और पहाड़ी परंपरा के अनुरूप ओखली में धान कूटने, सिलबट्टे पर चटनी पीसने व मट्ठा बिलोने जैसी पारंपरिक गतिविधियों में सहभागिता की। उन्होंने स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने की अपील करते हुए कहा कि आज देश-विदेश में पहाड़ी उत्पादों की मांग तेजी से बढ़ रही है, जिससे स्वरोजगार के अनेक अवसर उपलब्ध हैं।
मुख्यमंत्री ने आर्मी बैंड के प्रदर्शन का अवलोकन किया और बैंड सदस्यों का उत्साहवर्धन किया। तत्पश्चात उन्होंने उपस्थित जनसमूह के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम को सुना।
कार्यक्रम के संयोजक व स्थानीय विधायक महंत दिलीप रावत ने मुख्यमंत्री का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया और उन्हें पारंपरिक गदा भेंट की। मुख्यमंत्री ने वीर नारियों, शहीद परिजनों व पूर्व सैनिकों को शॉल ओढ़ाकर एवं स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया।
मुख्यमंत्री धामी ने अपने संबोधन में कहा कि यह समारोह शहीदों के प्रति सामूहिक श्रद्धांजलि का अवसर है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के वीर सैनिकों ने सदैव भारत माता को गर्वित किया है। राज्य सरकार सैनिकों व उनके परिजनों के कल्याण के लिए अनेक योजनाएं चला रही है।
उन्होंने बताया कि शहीदों की अनुग्रह राशि ₹10 लाख से बढ़ाकर ₹50 लाख कर दी गई है। परमवीर चक्र व अन्य वीरता पुरस्कार विजेताओं की पुरस्कार राशि में वृद्धि की गई है। शहीदों के अंतिम संस्कार हेतु ₹10,000 की सहायता राशि दी जा रही है तथा सैनिकों को भूमि खरीद पर 25% तक स्टांप ड्यूटी में छूट दी जा रही है।
शहीद परिजनों के आश्रितों को सेवा में संयोजन के तहत अब तक 28 परिजनों को नियुक्ति, जबकि 13 मामलों की प्रक्रिया प्रचलित है। आवेदन की समय सीमा को भी 2 वर्ष से बढ़ाकर 5 वर्ष कर दिया गया है।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने वन रैंक वन पेंशन लागू कर सैनिकों का सम्मान बढ़ाया है। देहरादून में बन रहा भव्य सैन्य धाम शीघ्र ही लोकार्पित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने पौड़ी जनपद में चल रहे विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए बताया कि कंडोलिया में 100 मीटर ऊंचा तिरंगा और सीडीएस बिपिन रावत पार्क का निर्माण पूरा हो चुका है। चारधाम पैदल मार्ग पुनर्संचालन, ट्राइडेंट पार्क, सतपुली झील, धारी देवी पैदल मार्ग आदि कार्य प्रगति पर हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार ने लैंड जिहाद, धर्मांतरण, दंगा विरोधी कानून, समान नागरिक संहिता (UCC), ऑपरेशन कालनेमि और नकल विरोधी कानून जैसे ऐतिहासिक कदम उठाकर सुशासन को सुदृढ़ किया है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने रिखणीखाल क्षेत्र की विभिन्न विकास परियोजनाओं की घोषणाएं कीं, जिनमें विद्यालय का नामकरण, मोटर मार्ग, पम्पिंग योजनाएं, अतिथि गृह, हैलीपैड, स्वास्थ्य केंद्र और अमर शहीदों के नाम पर मार्गों का नामकरण शामिल हैं।
विधायक महंत दिलीप रावत ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि देहरादून में बन रहे सैन्य धाम से राज्य का गौरव बढ़ा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा UCC, नकल विरोधी कानून और रोजगार सृजन जैसे कदम ऐतिहासिक हैं।
कार्यक्रम में एडम बटालियन कमांडर कर्नल मंजुल कफल्टिया ने कहा कि भारतीय सेना सदैव शहीदों के परिवारों के साथ खड़ी है और किसी भी समस्या हेतु गढ़वाल राइफल्स केंद्र, लैंसडाउन से संपर्क किया जा सकता है।
इस अवसर पर उपाध्यक्ष गौ सेवा आयोग पं. राजेंद्र अण्थवाल, जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक लोकेश्वर सिंह, मुख्य विकास अधिकारी गिरीश गुणवंत, ब्लॉक प्रमुख, जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में शहीद परिजन, सैनिक एवं आमजन उपस्थित रहे।
— सूचना एवं लोक संपर्क विभाग, पौड़ी गढ़वाल
