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ग़मत में झलकी लोक संस्कृति की जीवंत परंपरा

ग़मत” ने न केवल लोक संस्कृति की जीवंत परंपरा को पुनर्जीवित किया, बल्कि यह भी साबित किया कि उत्तराखंड की जड़ों से जुड़ी यह विधा आज भी लोगों के दिलों में बसती है।

देहरादून। शनिवार शाम लोक संस्कृति विभाग के प्रेक्षागृह, हरिद्वार रोड में “ग़मत” नामक लोक सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन टीम गुठ्यार के बैनर तले किया गया। इस अवसर पर नवल किशोर एंड पार्टी के लोक कलाकारों ने अपनी मनमोहक प्रस्तुतियों से दर्शकों का दिल जीत लिया।

कार्यक्रम की विशेषता यह रही कि इसमें शामिल सभी कलाकारों ने पहली बार मंचीय प्रस्तुति दी।

वयोवृद्ध लोक कलाकार श्यामलाल (74 वर्ष) ने बताया कि “मैं 19 वर्ष की आयु से शादी-विवाह और रामलीलाओं में प्रस्तुति देता रहा हूं, लेकिन इस तरह का मंच पहली बार मिला।”

इसी प्रकार अर्जुनलाल (73 वर्ष) ने कहा कि “डीजे संस्कृति के आने के बाद ग़मत जैसे पारंपरिक कार्यक्रमों के कलाकारों की रोजी-रोटी पर संकट आ गया, जिसके चलते अधिकांश कलाकार अन्य कार्यों में लग गए और नई पीढ़ी इस विधा में रुचि नहीं ले रही है।”

सीकू गांव से आए लोक कलाकार नरेश ने भी साझा किया कि उनकी टीम के अधिकांश साथी अब अन्य व्यवसायों में लग गए हैं, जिसके कारण उन्हें भी यह परंपरागत कार्य छोड़ना पड़ा था।

कार्यक्रम में टीम पजल की ओर से जगमोहन सिंह रावत ‘जगमोरा’ ने सभी कलाकारों को प्रोत्साहनस्वरूप ₹1000-₹1000 भेंट किए और आयोजन के लिए ₹18,000 का सहयोग प्रदान किया।

इस अवसर पर ग़मत परंपरा को जीवित रखने वाली अंतिम पीढ़ी के 12 कलाकार मंच पर एकत्र हुए, जिनमें अर्जुनलाल, श्यामलाल, संदीप बछड़वान, कैलाश लंगूरी, सुनील डांसर आदि प्रमुख रहे।

संगीत संगत में —

हारमोनियम पर नवल किशोर,

ढोलक पर धीरू भाई,

ऑर्गन पर चंद्रपाल,

तबला व हुड़का पर बिरजू,

पैड पर आयुष कंडारी ने अपनी कला का प्रदर्शन किया।

सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी सुरेंद्र सिंह पांगती ने टिहरी सहित अन्य जनपदों के लोक कलाकारों से जुड़े संस्मरण साझा किए।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि एडीएम नैनीताल शैलेन्द्र सिंह नेगी सहित गणेश वीरान, संतोष खेतवाल, धर्मेंद्र नेगी, वरिष्ठ साहित्यकार व अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

विशेष आकर्षण रहा सूडान के विदेशी अतिथि का आगमन। इस दौरान प्रसिद्ध हास्य कलाकार एवं आयोजक किशना बगोट ने विदेशी मेहमान से टूटी-फूटी अंग्रेजी में संवाद करते हुए हास्य व्यंग जोड़ा, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा।

कार्यक्रम का संचालन प्रसिद्ध मंच संचालक गणेश खुगशाल “गणी” ने किया।

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