उत्तराखंडद्वारीखालपौड़ी

द्वारीखाल ब्लॉक में रहस्यमयी जानवर “चरक” का आतंक, गुलदार और बंदरों से भी लोग दहशत में

द्वारीखाल ब्लॉक की ढाँगू पट्टी में रहस्यमयी जानवर एक बार फिर सक्रिय हो गया है, जिसे स्थानीय लोग “चरक” के नाम से जानते हैं। इस जानवर को अब तक किसी ने देखा नहीं है, लेकिन ग्रामीणों का मानना है कि यह रीछ और बाघ के मिलन से जन्मा जीव है।

ग्रामीणों के अनुसार यह रहस्यमयी जानवर पालतू पशुओं पर हमला करता है। यह गोलाशा को ऊपर से तोड़कर अंदर घुसता है और जीवित पशुओं को नोच-नोचकर खाता है। हाल ही में ग्राम पंचायत छतिण्डा के सौड़ गाँव में सुखपाल सिंह नेगी के बैल पर हमले के बाद उसकी गर्दन के ऊपर का मांस नोच लिया गया। बैल कई दिनों तक तड़पता रहा और अंततः उसकी मौत हो गई।

 

पिछले वर्ष डबरालस्यू पट्टी के स्यालना और जल्ठा गाँव में भी इस जानवर का आतंक देखने को मिला था। इसके अलावा छतिण्डा ग्राम पंचायत के बाड़ियूं और सौड़ गाँव में गुलदार के हमलों से लोग पहले ही परेशान हैं, जबकि बन्दीला, भरग्वाड़ी, उत्तिण्डा और चैलूसैंण, बमोली, दशमेरी में भी गुलदार और बंदरों की दहशत बनी हुई है।

ग्रामीणों ने यह भी बताया कि कुछ दिन पूर्व दशमेरी गाँव में एक बंदर ने महिला पर हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया, जिनका इलाज कोटद्वार में किया गया।

ग्रामीण लगातार जंगली जानवरों से दहशत में जी रहे हैं, लेकिन वन विभाग की ओर से कोई ठोस कार्रवाई न होने से लोग नाराज हैं। ग्रामीणों का कहना है कि वन विभाग की लापरवाही से उनकी सुरक्षा खतरे में है।

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