गेहे-गेहे संस्कृतम्” अभियान अंतर्गत संस्कृत दिवस समारोह सम्पन्न
देहरादून। संस्कृत भारती देहरादून द्वारा सनातन धर्म मंदिर समिति के सहयोग से “गेहे-गेहे संस्कृतम्” अभियान के अंतर्गत संस्कृत दिवस का भव्य आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में प्रेरणास्त्रोत पं. कुशलानंद मिश्र ने संस्कृत को संस्कारों की जननी बताते हुए इसके संरक्षण और संवर्धन पर जोर दिया। मुख्य अतिथि के रूप में क्षेत्र के सुप्रसिद्ध विद्वान पं. रामप्रसाद सेमवाल ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति से कार्यक्रम को आलोकित किया।

संस्कृत भारती के जनपद मंत्री एवं कार्यक्रम के परिकल्पक डॉ. प्रदीप सेमवाल ने संगठन की गतिविधियों और संस्कृत सप्ताह के महत्व पर प्रकाश डाला। पूर्व भाषा-शिक्षण सत्र का संचालन पूर्णकालिक कार्यकर्ता विशाल प्रसाद भट्ट ने किया, जबकि सम्पर्क प्रमुख धीरज मैठाणी ने कार्यक्रम का सफल संचालन संभाला।
विभिन्न वक्ताओं ने संस्कृत भाषा के महत्व, घर-घर संस्कृत प्रचार की आवश्यकता और भारतीय संस्कृति के संरक्षण में भाषा की भूमिका पर अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम में स्थानीय परिवारों, विद्यार्थियों और शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
समारोह में श्लोक पाठ, गीत प्रस्तुति, संस्कृत संभाषण प्रदर्शन और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम का शुभारंभ मंगलाचरण से हुआ, जिसके पश्चात पुष्पार्पण, स्वागत भाषण, मुख्य वक्ता का प्रेरक उद्बोधन और आभार प्रदर्शन क्रमबद्ध रूप से सम्पन्न हुआ।
अंत में सभी उपस्थित जनों ने “मम भाषा संस्कृतम्” का संकल्प लेते हुए घर-घर संस्कृत के प्रसार हेतु दृढ़ प्रतिज्ञा की। इस अवसर पर कुसुम मिश्र, वंदना सेमवाल, गंगा, अभिषेक, प्रियांशु, ऋषभ, मीरा, नारायण, यशश्री सहित अनेक स्थानीय गणमान्य उपस्थित रहे।
