उत्तराखंडपौड़ी

मुख्यमंत्री ने आपदाग्रस्त क्षेत्रों का किया दौरा, प्रभावितों से मिलकर दी संवेदनाएं

पौड़ी गढ़वाल – प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी गुरुवार को जनपद के आपदाग्रस्त क्षेत्र सैंजी पहुँचे और वहाँ के प्रभावित ग्रामीणों से भेंट कर उनका हालचाल जाना। उन्होंने प्रत्येक प्रभावित को हरसंभव सहायता का आश्वासन देते हुए कहा कि सरकार इस संकट की घड़ी में पूरी तरह उनके साथ है।

मुख्यमंत्री ने सड़क और पैदल पथ से होते हुए सैंजी गांव में प्रभावित परिवारों के घर जाकर क्षति का जायजा लिया और उनके दुःख में सहभागी बने। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा की इस घड़ी में कोई भी स्वयं को अकेला महसूस न करे – पूरा राज्य और शासन-प्रशासन उनके साथ खड़ा है।

मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी को निर्देशित किया कि पुनर्वास, राहत और विस्थापन कार्यों को युद्धस्तर पर चलाया जाए और प्रभावितों को तत्काल सहायता दी जाए। उन्होंने यह भी कहा कि वाडिया इंस्टीट्यूट से क्षेत्रीय भू-सर्वेक्षण करवाया जाएगा।

इससे पूर्व मुख्यमंत्री ने हेलीकॉप्टर के माध्यम से थलीसैंण तहसील के बांकुड़ा व आसपास के अन्य प्रभावित क्षेत्रों का हवाई निरीक्षण किया। इसके बाद वे भरसार हैलीपैड पर उतरे और वहाँ से सड़क मार्ग द्वारा नौठा होते हुए बुरांसी गांव पहुँचे। वहाँ उन्होंने आपदा प्रभावित पाँच व्यक्तियों को राहत राशि के चेक प्रदान किए।

मुख्यमंत्री के साथ कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत भी उपस्थित रहे। उन्होंने मुख्यमंत्री का आभार जताते हुए बताया कि पुनर्वास के लिए एक विशेष समिति गठित की जाएगी और जिनके घर-मकान या दुकानें प्रभावित हुई हैं, उन्हें प्राथमिकता से मदद दी जाएगी।

मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य सुविधाओं की गंभीरता को समझते हुए निर्देश दिए कि:

मोबाइल मेडिकल यूनिट्स नियमित रूप से गांवों का दौरा करें।

बीमार, वृद्ध, गर्भवती महिलाओं और बच्चों को तत्काल चिकित्सकीय सुविधा उपलब्ध कराई जाए।

आवश्यक दवाइयाँ, प्राथमिक उपचार किट और चिकित्सकीय स्टाफ की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।

जिलाधिकारी ने अवगत कराया कि सभी प्रभावितों की सूची तैयार कर ली गई है। राहत सामग्री और सहायता राशि का वितरण जारी है। प्रशासन की टीमें प्रत्येक गांव तक पहुँच रही हैं और यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि कोई भी राहत से वंचित न रहे।

मुख्यमंत्री के दौरे से प्रभावितों का मनोबल बढ़ा और उन्होंने मुख्यमंत्री को उनके संवेदनशील प्रयासों के लिए धन्यवाद दिया।

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