“स्वाधिकार के लिए छटपटाता उत्तराखंड” का दिल्ली में होगा विमोचन
नई दिल्ली। उत्तराखंड राज्य गठन की रजत जयंती के अवसर पर राजधानी दिल्ली में एक महत्वपूर्ण साहित्यिक एवं वैचारिक कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। उत्तराखंड राज्य गठन आंदोलनकारी संगठनों की समन्वय समिति के तत्वावधान में 5 मई 2026 (मंगलवार) को प्रातः 11:30 बजे प्रेस क्लब ऑफ इंडिया, रायसीना रोड (सेंट्रल सेक्रेटेरिएट के समीप) में यह कार्यक्रम आयोजित होगा।

कार्यक्रम में प्रख्यात लेखक एवं सामाजिक चिंतक जगदीश ममगाईं की पुस्तक “स्वाधिकार के लिए छटपटाता उत्तराखंड” का विमोचन किया जाएगा। यह पुस्तक उत्तराखंड राज्य आंदोलन, उसके संघर्ष, और राज्य गठन के 25 वर्षों के सामाजिक, राजनीतिक एवं प्रशासनिक अनुभवों पर आधारित है।
आयोजकों के अनुसार, उत्तराखंड अपनी रजत जयंती मना रहा है और यह अवसर आत्ममंथन का भी है। 9 नवंबर 2000 को बने इस राज्य की उपलब्धियों और चुनौतियों पर विचार-विमर्श कार्यक्रम का प्रमुख उद्देश्य रहेगा। वक्ताओं द्वारा यह भी प्रश्न उठाया जाएगा कि क्या राज्य गठन के मूल उद्देश्यों—स्वशासन, विकास और जन-स्वाभिमान—की प्राप्ति हो पाई है या नहीं।
कार्यक्रम में उत्तराखंड आंदोलन से जुड़े वरिष्ठ आंदोलनकारी, सामाजिक कार्यकर्ता, बुद्धिजीवी और राजनीतिक प्रतिनिधि भाग लेंगे। आयोजकों ने सभी गणमान्य नागरिकों एवं उत्तराखंड प्रेमियों से कार्यक्रम में उपस्थित होने का आग्रह किया है।
समिति के संयोजक देव सिंह रावत ने बताया कि यह आयोजन न केवल एक पुस्तक विमोचन है, बल्कि उत्तराखंड के अतीत, वर्तमान और भविष्य पर गंभीर संवाद का मंच भी बनेगा।
