करोड़ों का बजट, फिर भी सोनप्रयाग बना ‘कूड़ाघर’ पूर्व प्रत्याशी मोहित डिमरी ने खोली व्यवस्थाओं की पोल, 19.44 लाख की मशीनरी नदारद
सोनप्रयाग/रुद्रप्रयाग। विश्व प्रसिद्ध केदारनाथ धाम यात्रा के प्रमुख पड़ाव सोनप्रयाग में सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है। यात्रा सीजन के चरम के बावजूद क्षेत्र में जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हैं, जिससे प्रशासन के दावों की पोल खुलती नजर आ रही है।
रुद्रप्रयाग विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी मोहित डिमरी ने गुरुवार को मौके पर पहुंचकर यात्रा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने पाया कि प्लास्टिक कचरा प्रबंधन के लिए स्वीकृत मशीनरी मौके से गायब है, जिससे कचरा निस्तारण का कार्य पूरी तरह ठप पड़ा है।

बताया गया कि पर्यटन विभाग द्वारा 19.44 लाख रुपये की लागत से ‘कनवेयर बेल्ट’ एवं अन्य सिविल कार्यों को स्वीकृति दी गई थी, लेकिन धरातल पर इसका कोई अस्तित्व नजर नहीं आया। डिमरी ने सवाल उठाया कि बजट स्वीकृत होने के बावजूद मशीनरी क्यों नहीं लगाई गई।
सफाई व्यवस्था का जिम्मा संभाल रही संस्था सुलभ इंटरनेशनल पर भी उन्होंने गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि संस्था को करोड़ों रुपये का बजट दिए जाने के बावजूद सफाई कार्य केवल कागजों तक सीमित है। शौचालयों की बदहाली और मुख्य मार्गों पर फैला कचरा इसकी पुष्टि करता है।
उन्होंने चेतावनी दी कि मंदाकिनी नदी के किनारे स्थित इस क्षेत्र में गंदगी आगामी मानसून में बड़े पर्यावरणीय संकट का कारण बन सकती है।
डिमरी ने जिला प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग करते हुए कचरा प्रबंधन प्रणाली को सुचारू करने और संबंधित संस्थाओं की जवाबदेही तय करने की आवश्यकता जताई है।
