उत्तराखंडपौड़ी

शिवभक्तों की सेवा में जुटा प्रशासन, नीलकंठ यात्रा व्यवस्था चाक-चौबंद

नीलकंठ/पौड़ी। सावन मास के पावन अवसर पर जारी कांवड़ यात्रा के अंतर्गत नीलकंठ महादेव मंदिर में अब तक लगभग 40 लाख श्रद्धालु बाबा के दर्शन कर चुके हैं। इस विशाल जनसैलाब को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद है और हर विभाग अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन कर रहा है।

प्रशासन द्वारा मेला क्षेत्र में पेयजल, साफ-सफाई, सुरक्षा, चिकित्सा, प्रकाश और जनसुविधाओं की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, अपर जिलाधिकारी, उप जिलाधिकारी, जोनल और सेक्टर मजिस्ट्रेट लगातार निरीक्षण कर रहे हैं ताकि यात्रा में कोई अव्यवस्था न हो।

नियंत्रण कक्ष और जल व्यवस्था

नीलकंठ मंदिर परिसर में एक नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है, जिसमें जल संस्थान, ऊर्जा निगम, जिला पंचायत, आपदा प्रबंधन और राजस्व विभाग के अधिकारी तैनात हैं। उप जिलाधिकारी यमकेश्वर अनिल चन्याल ने जानकारी दी कि यात्रा मार्ग पर 5 टैंकरों से 72 हजार लीटर जल आपूर्ति की जा चुकी है। साथ ही मंदिर और प्रमुख स्थलों पर पीवीसी टैंक और बैकअप टैंक रखे गए हैं। जल पंपों को 24 घंटे चलाया जा रहा है।

सफाई और स्वच्छता व्यवस्था

मेला क्षेत्र में जिला पंचायत के 65 और नगर पंचायत के 35 पर्यावरण मित्रों के अलावा स्वच्छता समिति तोली के 30 कर्मचारी सफाई व्यवस्था में लगे हैं। बाघखाला, गरुड़चट्टी, मौनी बाबा तिराहा और जानकी सेतु पर मोबाइल टॉयलेट, 30 अन्य अस्थायी शौचालय, ब्लीचिंग पाउडर और कीटनाशक का छिड़काव नियमित रूप से किया जा रहा है। कूड़ा उठान के लिए वाहन और JCB मशीनें लगाई गई हैं।

प्रकाश और सुरक्षा

बाघखाला से पैदल मार्ग तक 45 सोलर स्ट्रीट लाइट, पुंडरासू और जिला पंचायत पार्किंग में हाई मास्क लाइट लगाई गई हैं। पुलिस और स्वास्थ्य सेवाएं भी सक्रिय रूप से कार्यरत हैं।

चिकित्सा सेवाएं और एम्बुलेंस

मौनी बाबा, धांधलापानी, नीलकंठ, पुंडरासू, वानप्रस्थ, बाघखाला, गरुड़चट्टी, लक्ष्मणझूला और पीपलकोटी में मेडिकल रिलीफ कैंप लगाए गए हैं। इसके साथ ही 2 मोबाइल यूनिट, 5 विभागीय एम्बुलेंस और 2 ‘108’ एम्बुलेंस भी तैनात हैं।

खोया-पाया केंद्र और सूचना तंत्र

बाघखाला में स्थापित खोया-पाया केंद्र अब तक 150 श्रद्धालुओं को उनके परिजनों से मिलवा चुका है। संपूर्ण मेला क्षेत्र में पब्लिक एड्रेस सिस्टम से सूचना प्रसारित की जा रही है। यात्रियों से प्राप्त शिकायतों और सुझावों का व्हाट्सऐप समूह के माध्यम से तत्काल निस्तारण किया जा रहा है।

जिला प्रशासन का प्रयास है कि हर श्रद्धालु को सुरक्षित, सुविधाजनक और सुखद यात्रा अनुभव प्रदान हो।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *