कैबिनेट ने NLC इंडिया लिमिटेड को दी ₹7,000 करोड़ की निवेश छूट, भारत के हरित ऊर्जा लक्ष्य को मिलेगी नई गति
नई दिल्ली, 16 जुलाई 2025
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति (CCEA) ने एक ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए NLC इंडिया लिमिटेड (NLCIL) को उसकी पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी NLC इंडिया रिन्यूएबल्स लिमिटेड (NIRL) में ₹7,000 करोड़ तक के निवेश की अनुमति दे दी है। इस निवेश के लिए अब किसी पूर्व सरकारी मंजूरी की आवश्यकता नहीं होगी और इसे सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों पर लागू 30% नेटवर्थ सीमा से भी छूट दी गई है।

यह निर्णय केंद्र सरकार के हरित ऊर्जा विस्तार कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। NLCIL का लक्ष्य वर्ष 2030 तक 10.11 गीगावाट और वर्ष 2047 तक 32 गीगावाट अक्षय ऊर्जा क्षमता विकसित करने का है। यह योजना भारत की अंतरराष्ट्रीय प्रतिबद्धताओं — जैसे कि COP26 में घोषित पंचामृत संकल्प और 2070 तक नेट ज़ीरो कार्बन उत्सर्जन — के अनुरूप है।
वर्तमान में NLCIL के पास लगभग 2 गीगावाट की स्थापित या निर्माणाधीन अक्षय ऊर्जा परियोजनाएं हैं, जिन्हें अब NIRL को हस्तांतरित किया जाएगा। नई छूट के तहत NIRL भविष्य की सभी ऊर्जा परियोजनाओं के लिए स्वतंत्र रूप से निवेश और संचालन कर सकेगी, जिससे प्रक्रिया तेज़ होगी और प्रतिस्पर्धात्मक बोली में भाग लेना आसान होगा।
इस कदम से भारत की ऊर्जा आत्मनिर्भरता को मजबूती मिलेगी, कोयले पर निर्भरता में कमी आएगी और ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर उत्पन्न होंगे। साथ ही, यह निवेश न केवल स्वच्छ ऊर्जा का आधार तैयार करेगा बल्कि हरित तकनीक के क्षेत्र में भारत को वैश्विक अग्रणी बनाने की दिशा में भी एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
सरकार को उम्मीद है कि इससे ऊर्जा क्षेत्र में आर्थिक विकास को नई दिशा मिलेगी, जिससे दीर्घकालिक पर्यावरणीय संतुलन और आर्थिक समावेशन सुनिश्चित हो सकेगा।
यह समाचार सरकारी प्रेस सूचना ब्यूरो द्वारा 16 जुलाई 2025 को जारी आधिकारिक जानकारी पर आधारित है।
